4 दिवसीय एफ.एल.एन. प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन।

4 दिवसीय एफ.एल.एन. प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन।
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शिवरीनारायण

विकासखंड नवागढ़ में नई शिक्षा नीति के तहत एफ. एल. एन का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन दो चरणों में जोन क्रमांक 3, शिवरीनारायण में किया गया। इसका प्रथम चरण 10 से 13 जून तक एवं द्वितीय चरण 14 से 17 जून तक रहा । इस प्रशिक्षण के दोनों चरणों के पहले दिन, एनईपी, एनसीएफ, बुनियादी भाषा शिक्षण, हिंदी की पाठ्यपुस्तक, अभ्यास पुस्तिका और शिक्षक संदर्शिका के समग्र उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे दिन एनसीएफ के अंतर्गत गणित शिक्षण की रणनीतियां, गणित शिक्षण के चार ब्लॉक, गणित की पाठ्यपुस्तक, अभ्यास पुस्तिका और शिक्षक संदर्शिका के समग्र उपयोग का एव तीसरे दिन लेखन और उसके प्रकार, बहुभाषी शिक्षण, विद्या प्रवेश, जादुई पिटारा का प्रशिक्षण दिया गया। चौथे दिन पुस्तकालय और 100% बच्चों को कक्षा स्तर पर पहुंचने की योजना के अंतर्गत नवाजतन पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत मुख्यत: यह बताया गया कि बच्चों को सीखना कैसे सिखाना है एवं किन माध्यमों से 100% बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता तक पहुंचा जा सकता है। सत्र बहुत ही सुचारू रूप से चला। साथ ही उपस्थित प्रशिक्षकों ने ऑनलाइन सत्र में जिन मुद्दों को लेकर बातचीत हो गई थी। उन मुद्दों को यहां कर देखा जाए और गतिविधियों के माध्यम से सत्र को आगे बढ़ाई जाए। प्रशिक्षक के रूप में रोहित कुमार पटेल, खगेश्वर खूंटे, एरावत साहू, धनेश्वर देवांगन,गुरुबचन सिंह एवं सहयोगी के रूप में अजीम प्रेम जी फाउंडेशन से मनीष गुप्ता रहे। दितीय चरण के द्वितीय दिवस विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे द्वारा बेहतर क्रियान्वयन के दिशा निर्देश तथा नई शिक्षा नीति के संबंध में विस्कृत जानकारी दी गई। द्वितीय चरण के अंतिम दिवस को सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री इंद्रमणि सिंह एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, शिवरीनारायण के प्राचार्य श्री बसंत देवांगन के साथ शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला,शिवरीनारायण के प्रधान पाठक ओमप्रकाश शर्मा उपस्थित रहे जिन्होंने एफएलएन प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की। कुल मिलाकर विकासखंड के इस जोन में सत्र समयानुसार प्रारंभ हुआ। और उसमें शिक्षकों की भी भागीदारी सक्रिय देखने को मिली। सत्र की सक्रियता को देखकर यह कहा जा सकता है कि आगामी सप्ताह से शिक्षक एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ स्कूलों में अपनी शिक्षण को और बेहतर बना रहे होंगे।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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