सूरत गारमेंट व्यापार संगठन का स्नेह मिलन कार्यक्रम हुआ आयोजित।

सूरत गारमेंट व्यापार संगठन का स्नेह मिलन कार्यक्रम हुआ आयोजित।
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नियम कायदे के अनुसार ही करे व्यापार

सूरत

रेडीमेड गारमेंट व्यापार की समस्या और चुनोतियों से निपटने के लिए आई माता रोड स्थित माहेश्वरी सेवा सदन में सूरत गारमेंट व्यापार संगठन का स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में गारमेंट व्यापारी उपस्थित रहे। समारोह में गारमेंट व्यापार संघ के प्रेम गोठी ने बताया कि ये संगठन 15 मेंबर से शुरू हुआ था। हाल में इस एसोसिएशन में 600 मेंबर जुड़े है। मार्केट में चीटिंग से पीड़ित व्यापारियों की मदद के लिए संगठन का गठन किया गया था। जिसमे में 1 वर्ष में तकरीबन 200 शिकायते भुगतान को लेकर संगठन के सामने आई। जिसमे से करीबन 130 शिकायतों का समाधान संगठन ने आपसी सहयोग से बातचीत के द्वारा किया गया। संगठन के गठन का मुख्य उद्देश्य व्यापारी के पैसो की डूबत रोकना है। किसी अन्य व्यापारी, एजेंट अथवा संस्थाओ के विरुद्ध नही है। स्नेह मिलन में उपस्थित इको सेल के एसीपी जी.ए.सरवैया ने बैठक को संबोंधित करते हुए कहा कि व्यापार मार्केट के तय नियम कायदों के अनुसार करे। व्यापार में लेनदार के एक दो व्यवहार का पता चलने के बाद सावधान रहें। पुलिस चीटिंग के खिलाफ कार्यवाही के लिए संगठन हर समय तैयार है। पुलिस को घटना की सच्ची जानकारी दे। कोई व्यापारी गलत कर रहा है। तो पता चलने पर उससे कोई व्यवहार न करे। साथ ही संस्थाओ का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधि को उसकी जानकारी शीघ्रता से दे। कोई व्यापारी कम भावो में कपड़ा बेच रहा है तो ये समझ ले वो गबन करने वाला है। बिना जीएसटी बिलो के व्यापार करने वाला व्यापारी भी गलत का साथ दे रहा है। संस्थाओ के पास डेटा सुरक्षित का सॉफ्टवेयर होना चाहिये। उधार देने की लिमिट तय होनी चाहिए। एजेंट और व्यापारियों का डेटा रखना चाहिए। विश्वासघात और धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनी मर्यादा तय करना चाहिए। पुलिस हमेशा व्यापारियों का साथ देने को तैयार है। 

कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे – रबारी।

सलाबतपुरा पीआई बी.आर. रबारी ने कहा कि व्यापारी यदि कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे। उन्होंने कहा कि नई फोस्टा के आने के बाद सलाबतपुरा में शिकायते आना कम हो गई है। पुलिस का काम आधा रह गया है। कानपुर की पार्टी का उदाहरण देते हुए रबारी ने कहा कि कानपुर के एसोसिएशन के सहयोग से काम आसानी से हो गया। अन्य कपड़ा मंडियों की संस्थाओ को भी जोड़ना चाहिए। ताकि वहाँ की संस्था से संपर्क से ही रुका हुआ पेमेंट मिल जाये। कोई भी व्यापारिक संस्था को सफल बनाने के लिए सबका साथ देते हुआ डेटा जमा कराना चाहिए। ताकि पुलिस को भी काम करने आसानी हो,आरोपी तक आसानी से पहुँचा जा सके। व्यापारी खुद को जिसकी नियति में खोट हो पता चल सकता है। व्यापार में मुख्य मध्यस्थ एजेंट होता है। एजेंट के साथ व्यापारी का भी खुद सत्यापन करे। संगठित बने ।किसी गलत आदमी का मार्केट में रिफरेंस न दे।

सेटिंग व सेटलमेंट कराने वालों का प्रर्दाफ़ाश करेंगे। कैलाश हकीम

फोस्टा अध्यक्ष कैलाश हकीम ने कहा कि फोस्टा के 17 संकल्पो को लेकर आगे बढ़ रहे है। जिसमे सूरत कपड़ा उद्योग का नाम विश्व पटल पर हो, चीटर मुख्य व्यापार और फोस्टा का अपना भवन हो। उन्होंने कहा कि फोस्टा का काम पेमेंट वसूली करवाना नही है।फोस्टा का काम व्यापार डवलप करना, व्यापार के नीति नियम बनाने, व्यापारी के डेटा उपलब्ध करवाना और सरकार व व्यापारियों के बीच ब्रिज का काम करना है। सरकार की पॉलिसियों को व्यापारियों तक पहुचाना है। उन्होंने कहा पहले मार्केट असंगठित तरीके से चलता था। जबसे हमने काम हाथ में लिया है। सूरत के व्यापारियों का 70.80 करोड़ रुपये वसूल करवाए है। इसके लिए फोस्टा की टीम लगी है।जिसका व्यापारी से कोई शुल्क नही लिया जाता।उन्होंने कहा कि मार्केट में छोटे 2 व्यापारियों से पैसा लेकर उनके पैसे वसूल करवाने का झांसा देने वाले तथाकथित लोगो के कच्चे चिट्ठे खोल देंगे। उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि वो अपनी वसूली की दुकानें बंद कर दे। साथ कहा कि एजेंट के साथ कोई इंसिडेंट हो जाय तो व्यापारी मिल बैठकर समाधान करें।ट्रांसपोर्ट में माल इंसोरेंस करके भेजे। किसी भी व्यापारी को माल भेजने से पहले उसका डोकोमेंट जरूर ले। वीवर मिल व पैकिंग वालो का पेमेंट न करने वाले व्यापारी को संगठन से बाहर कर दे। फोस्टा का काम लड़ना या पुलिस फरियाद करना नहीं है। व्यापार में सामंजस्य बिठाना व्यवहार बढ़ाना है। व्यापार बढ़ाना है। अपने अनुभव बताते हुवे हकीम ने कहा कि फोस्टा में हजारों शिकायते आई है। जिसमे ज्यादातर 2 करोड़ से 15 करोड़ के सेल वालो की है। बड़े व्यापारियों की शिकायतें कम आई है। इसके लिए चिंतन करना होगा। छोटे व्यापारी का पैसा डूबने का कारण सिस्टम की कमी है। व्यापारी व एजेंट का सही रिफरेंस नही लेना, चेक के लालच में माल भेज देना आदि है। लालच में पैसा डूबता है। सभी अपना रजिस्ट्रेशन फोस्टा में करावे। उसके बाद पैसा आने वाले दिनों में पैसा कम डूबेगा।उन्होंने कहा कि आपने एजेंट व व्यापारी के डेटा का सत्यापन करके माल भेजा है तो फोस्टा आपका पैसा डूबने नही देगी।हालांकि पैसा रिकवरी कराने की गारंटी तो नही लेती लेकिन गलत मानसिकता के लोगों को सलाखों के पीछे कराने की गारंटी लेता हूँ। बांग्लादेश में बढ़ रहे गारमेंट उद्योग का जायजा लेने 20 व्यापारियों के साथ बांग्लादेश दौरे की बात भी रखी। एजेंट, वीवर, मिल, एम्ब्रायडरी वालो के डेटा रखने में जोर दिया। फोस्टा के अनुरोध पर आर्थिक अपराधियो को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन हुआ। जिसने अपराध कर भागे 9 अपराधियो को पकड़ा है। बैठक के दौरान उत्तरप्रदेश के मंत्री सुनील वर्मा पधारे जिनका स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के गरीब श्रमिको को रोजगार देने वाले सूरत के व्यापारियों को धन्यवाद देता हूँ। आपके दिए भरोसे की गारंटी मेरठ ही नही पूरे उत्तरप्रदेश में काम पड़े आपके सहयोग की गारंटी लेता हूं। हमे नीतिगत व्यापार करना चाहिए।

संस्था के प्रमुख दिनेश जैन ने कहा कि व्यापार में एजेंट अपना दायित्व नही निभाएंगे तो कार्यवाही होगी। ट्रांसपोर्टर्स से निवेदन किया कि गलत व्यापारियों का माल बुक न करे। जो व्यापारी संस्था के सदस्य नही बने है वो फार्म भरकर सदस्य बने।

डी अमरलाल एजेंसी के राजेश भाई ने कहा कि पार्टी में एजेंट के मार्फ़त पेमेंट फस जाने की स्थिति में व्यापारी एजेंट का साथ दे। सहयोग करे। कानूनी कार्यवाही एजेंट के साथ मिलकर करे और एजेंट व्यापारी का पूरा साथ दे। बैठक का कुशल संचालन फोस्टा के डायरेक्टर कैलाश वढेरा ने किया।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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