खेतो में पहुंची फसलो में रोगो की जांच के लिए कृषि विशषज्ञों की टीम।

खेतो में पहुंची फसलो में रोगो की जांच के लिए कृषि विशषज्ञों की टीम।
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 कीट नियंत्रण के उपाय बताने के साथ बीजो को उपचारित कर बुवाई की सलाह

बाड़मेर

रेपिड रोविंग टीम ने बाड़मेर एवं बालोतरा जिले के विभिन्न इलाको में किसानो के खेतो में पहुंचकर खरीफ फसलो में कीट व्याधि प्रकोप का जायजा लिया। कृषि विशेषज्ञों ने मौके पर किसानो को कीट नियंत्रण के उपाय बताने के साथ बीजो को उपचारित कर बुवाई करने की सलाह दी। रेपिड रोविंग टीम में शामिल कृृषि विशेषज्ञों ने बाड़मेर एवं बालोतरा जिले के बाड़मेर ग्रामीण, छीतर का पार, भीमड़ा, बुड़ीवाड़ा,जागसा,असाड़ा, पचपदरा, बालोतरा, सनावड़ी क्षेत्र में खेतो में पहुंचकर खरीफ फसलो में कीट व्याधि का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर किसानो को कीट नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। रेपिड रोविंग टीम में एटीसी रामपुरा के उप निदेशक पौध संरक्षण डा. बंशीधर, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के सहायक प्रोफेसर उद्यान डा.हरदयाल चौधरी, कृषि अधिकारी दूदाराम बारूपाल, आर.के.सांद, सहायक निदेशक महेश कुमार शामिल थे। इन्होनें मूंगफली,बाजरा,खजूर, अनार एवं पपीता के खेतो का अवलोकन कर आवश्यक सुझाव एवं कीट नियंत्रण के बारे में किसानो को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मूंगफली में कहीं-कहीं पर सफेद लट का प्रकोप पाया गया। इसमें फ्यूनालफांस 25 ईसी 2.5 लीटर प्रति हैक्टेयर की दर से सिंचाई करें। मूंगफली बुवाई के खेतो में कालर रांट बीमारी से बचाव के लिए ट्राइकोडर्मा 6 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज से उपचारित कर बुवाई करें। दीमक वाले क्षेत्रो मे लाथियोन चूर्ण 25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर की दर से मिटटी में मिलाकर बुवाई करें। साथ ही खड़ी फसल में 4 लीटर क्लोरोपायरीफांस 20 ईसी मिटटी में मिलाकर सिंचाई करें।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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