सुख दुःख में कभी भी ईश्वर को नही भूले – आचार्य

सुख दुःख में कभी भी ईश्वर को नही भूले – आचार्य
Spread the love

श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ (पेढ़ीजी) मंदिर का भव्य रजत जयंती महोत्सव सह गणधर प्रतिष्ठा महोत्सव 

सिवाना

रजत जयंती महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को गुरु भगवंत आचार्य जिनोत्तमसूरीश्वरजी ने अपने प्रवचन के दौरान इस बात पर जोर दिया की दुःख मे सुमिरन सब करे सुःख मे करे न कोय, जब व्यक्ति दुःख में होता है, तो वह ईश्वर का स्मरण करता है। जब तक दुःख रहता है, तब तक वह ईश्वर से प्रार्थना करता है और उसकी सहायता चाहता है। परंतु जब सुख आता है, तो वह ईश्वर को भूल जाता है। उन्होंने कहा कि यह दोहा मानव स्वभाव की एक सच्चाई को उजागर करता है। हम सभी जानते हैं कि दुःख में हम ईश्वर का स्मरण करते हैं, परंतु सुख में हम उसे भूल जाते हैं। यह दोहा हमें सिखाता है कि हमें सुख में भी ईश्वर का स्मरण करना चाहिए। हमें हर परिस्थिति में ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए। हमें ईश्वर से प्रेम और भक्ति के साथ जुड़ना चाहिए। आज रजत जयंती महोत्सव निमित्त दश दिगपाल पूजन, नवग्रह पूजन, अष्ट मंगल पाटला पूजन, नंदावृत पूजन व नवपद पूजन का आयोजन किया गया । सभी लाभार्थी परिवार ने खूब भक्ति भाव हर्षोल्लास से प्रभु पूजा का लाभ लिया।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!