शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव: नीलम

शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव: नीलम
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आदर्श विद्या मंदिर में वार्षिकोत्सव व भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित

भामाशाह सांवलाराम कच्छवाह मायलावास ने विद्यालय विकास हेतु डेढ़ लाख रुपए की घोषणा की

मोकलसर। सिवाना उपखंड क्षेत्र के मोकलसर कस्बे से गुजरने वाले एनएच 325 पर स्थित विद्या भारती भगवान पार्श्वनाथ आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय मोकलसर में अवध में राम की तर्ज पर वार्षिकोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर वंदना कार्यक्रम के साथ हुआ। उसके बाद विद्यालय प्रधानाचार्य नरेंद्र व्यास ने मंचासीन अतिथियों का माला, साफा व स्मृति चिह्न देकर स्वागत एवं परिचय करवाया गया। कार्यक्रम में कई गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें शारीरिक कार्यक्रम के अंतर्गत आसन-प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, डमरू योग, पताका योग, पिरामिड व घोष का प्रदर्शन किया गया। जिनका उपस्थित मेहमानों ने हौंसला आफजाई किया। प्रधानाचार्य ने विद्यालय की वर्षभर की शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व भामाशाह सांवलाराम कच्छवाह शक्ति ग्रुप वापी ने विद्यालय के कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए बताया कि यह विद्यालय वास्तव में देशभक्त बालकों का निर्माण करता है और यहां पर बालकों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं, इस पर कच्छवाह ने विद्यालय विकास हेतु डेढ़ लाख रुपए की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हनवन्त राज गोलेच्छा ने कहा कि इस विद्यालय में बालकों को शिवाजी, महाराणा प्रताप और राम के जैसा चरित्रवान व देशभक्त बनाने का प्रयास किया जाता है। इन्होंने विद्यालय विकास हेतु इक्कीस हजार रुपये की घोषणा की। विशिष्ट अतिथि वीरसिंह सेला ने कहा कि यह एक ऐसा विद्यालय है जिसमें सभी बालकों के विकास की ओर ध्यान दिया जाता है। इस पर सेला ने विद्यालय विकास हेतु ग्यारह हजार रुपए की घोषणा की। साथ ही विद्यालय की चार दीवारी का कार्य विधायक कोटे से करवाने का भी आश्वासन दिया। मोकलसर सरपंच घेवरचंद सेन ने कहा की इस विद्यालय में अधिक से अधिक मात्रा में नवीन प्रवेश करावे। जिससे बालकों का चारित्रिक एवं शैक्षिक विकास संभव हो सके। सरपंच ने विद्यालय विकास हेतु 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। विद्यालय प्रबंध समिति के संरक्षक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रजनीकांत दवे ने प्रारंभ से लेकर अब तक का विद्यालय का संपूर्ण इतिहास सभी के समक्ष रखा। उन्होंने अपने उद्बोधन के समय विद्यालय भवन व भूमि भेंटकर्ता भामाशाह स्व. श्री कांतिलाल जी बाफना को याद किया। अभिभावक हस्तीमल प्रजापत द्वारा इस वर्ष परीक्षा परिणाम में सर्वश्रेष्ठ रहने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में प्रतिभावान विद्यार्थियों व शिक्षको को स्मृति चिन्ह देकर प्रोत्साहित किया। समिति के व्यवस्थापक मुकेश कुमार सोनी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान विद्यालय समिति संरक्षक बाबुलाल कच्छवाह, अध्यक्ष पोकरराम प्रजापत, विजय कुमार दवे, रिंकू कुमारी, लालचंद, गुमानसिंह, कांतिलाल, भवानी शंकर, निकिता सहित समस्त स्टाफ व विद्यार्थी मौजूद रहे।

शिक्षा से साथ संस्कार भी यहां सिखाए जाते हैं

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, नव चयनित आरएएस व विद्या मंदिर की पूर्व छात्रा नीलम ने बताया कि यह समय चांद और सूरज पर चढ़े भारत का है। विद्या भारती का यह विद्यालय बालकों को आधारभूत विषयों का शिक्षण करवाता है जिससे कि बालकों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव हैं इसलिए हमें ज्यादा जोर शिक्षा पर देना होगा ताकि वो आगे जाकर माता पिता, गांव व देश का नाम रोशन कर सकें, साथ ही उन्होंने कहा कि यहाँ शिक्षण कार्य करवा रही पूरी टीम मेहनती हैं। यहां शिक्षा के साथ संस्कार भी सिखाए जाते हैं इसलिए अपने नौनिहालों को इसी विद्यालय में प्रवेश दिलावें।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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