उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थान के रूप में की गई है, ऐवीएशन संकाय की स्थापना – प्रो. सिंह

उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थान के रूप में की गई है, ऐवीएशन संकाय की स्थापना – प्रो. सिंह
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संकाय का मुख्य उद्देश्य विमानन क्षेत्र में विद्यार्थियों को रोजगार के समुचित अवसर व अत्याधुनिक तकनीक और महत्वपूर्ण अनुसंधान प्रदान करना है – प्रो.सिंह 

निम्स एविएशन के छात्रों के साथ ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट को लेकर प्रो. सिंह ने की चर्चा।

जयपुर

निम्स विश्वविद्यालय के एलिवेशन संकाय के छात्रों को प्रशिक्षण एवं रोजगार के सुलभ अवसर कराने के उद्देश्य से निम्स विश्वविद्यालय के सलाहकार एवं पूर्व कुलपति प्रो. अमेरिकासिंह ने जुपिटर इंटरप्राइजेज के निदेशक दिनेश मिश्रा के साथ विद्यार्थियों से चर्चा करते उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया। चर्चा के दौरान प्रो मनोज श्रीवास्तव, डॉ. दीपिका वार्ष्णेय, डॉ. अभिषेक वैष्णव, डॉ. गोविन्द उपाध्याय,डॉ. कुलदीप सिंह झाला भी उपस्थित थे। इस अवसर पर विद्यार्थियों के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के साथ एमओयू, एविएशन एक्सपर्ट की कार्यशालाएं, विभिन्न एजेंसियो और कम्पनियो के साथ आपसी सहमति बनाना जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक विस्तृत कार्य योजना बनाई गई। संवाद के दौरान प्रोफेसर सिंह ने कहा कि निम्स विश्वविद्यालय की दूरगामी परिकल्पना के अनुरूप विमानन परिवेश में ऐवीएशन संकाय की स्थापना उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थान के रूप में की गई है। जिसका उद्देश्य विमानन क्षेत्र में विद्यार्थियों को रोजगार के समुचित अवसर, अत्याधुनिक तकनीक और महत्वपूर्ण अनुसंधान प्रदान करना है। विमानन क्षेत्र में अग्रणी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ आपसी सहयोग, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैश्विक ज्ञान प्रदान करते हुए असंख्य विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। निम्स ऐवीएशन संकाय विमानन क्षेत्रों और प्रबंधन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए उद्योग के साथ मिलकर विमानन अध्ययन, शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान और विस्तार कार्य को सुविधाजनक बनाने की दिशा मे कार्य कर रहा है। प्रो.सिंह ने विद्यार्थियों को वर्तमान वैश्विक विमानन परिदृश्य से अवगत करते हुए कहा कि* नागरिक उड्डयन क्षेत्र भारत में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। विकास की कहानी के साथ, भारत निस्संदेह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की क्षमता रखता है। इससे विमानन के क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग बढ़ेगी। विमानन आज एक उच्च प्रौद्योगिकी और कौशल-उन्मुख क्षेत्र है। इसलिए पेशेवरों को कुशल बनाने की आवश्यकता और भी अधिक आवश्यक हो गई है। हम अपेक्षा करते है की निम्स के विद्यार्थी एक प्रशिक्षित विमानन पेशेवर के रूप मे अपने करियर का निर्माण कर भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुधार और अपेक्षित गति प्रदान करेंगे।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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