भामाशाह परिवार ने गाँव में विकास को लेकर लगाए चार चांद

भामाशाह परिवार ने गाँव में विकास को लेकर लगाए चार चांद
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 स्कूल निर्माण, प्रेमराज चोक ओर महाराज प्रताप की प्रतिमा बनी मिशाल

 विकास की चर्चा अब लोगों की जुबा पर, हर क्षेत्र में दे रही एकता का अंदेश

रेवदर

समीपवर्ती पोसितरा गाँव में राजपुरोहित भाईयों की एकता का एक अनोखी एक मिशाल देखना को मिली जिन्होंने प्रवासी होने के बाद भी गाँव की मिट्टी से प्रेम रखते हुए विकास को लेकर चार चांद लगा दिए। विकास की भी ऎसी गंगा बहाई की अब पोसितरा गाँव रेवदर तहसील के साथ अन्य जगहों पर भी अपनी एक अलग ही पहचान बन चुका है। गाँव में स्कूल सहयोग, सर्कल सहयोग, तालाबों सौन्दर्यकरण हो या अन्य विकास का कार्य सब पुरे किए जा रहे हैं। इन भाईयों को अगर किसी गाँव के लोगों ने भी विकास को लेकर मांग की तो कभी किसी को निराश नही होने दिया। ये तीनो भाई प्रवासी होने के बाद भी गाँव में ऎसा प्रेम जगा की उसको अब पर्यटक स्थल का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। गाँव में छोटा कार्यक्रम हो या बड़ा उसको लेकर भी बडे बडे प्रतिष्ठित लोगों को बुलाकर अगल पहचान देने का काम किया जा रहा है। 

1.75 करोड़ रुपए से नया भवन और 5 लाख रुपए लाइब्रेरी की मरम्मत के लिए खर्च

मुंबई में रहने वाले पोसीतरा के प्रवासी उद्यमी नटवर पुरोहित ने तीन स्कूलों का कायापलट कर दिया। पोसीतरा में 35 कमरों का स्कूल बनवाने के साथ ही पुरानी स्कूल को लाखों रुपए से मरम्मत करवा कर उसमें लाइब्रेरी बनवा दी। नगवणा गाँव व डांगराली के स्कूलों का भी कायापलट कर दिया। पुरोहित परिवार की ओर से करवाए गए समाज हित के कार्यों कीए पोसीतरा में पुरानी जर्जर स्कूल को देखकर जब पुरोहित परिवार ने नई स्कूल बनवाने की इच्छा जताई तो पंचायत के सहयोग से उन्हें जमीन आवंटित करवा दी गई। करीब डेढ़ साल तक काम चलने के बाद यह स्कूल तैयार हो चुका है। इसके साथ अब पुराने स्कूल को स्कूली बच्चों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए लाइब्रेरी में तब्दील कर दिया गया है। वही भामाशाह ने निकटवर्ती गांवों की स्कूलों के कायापलट का भी बीड़ा उठा लिया। इसके बाद डांगराली के स्कूल में दो नए कमरे बनवाए और नगवणा के स्कूल का जीर्णोद्धार करवाया।

 

 मुंबई में चौक का नामकरण करवाया

पुरोहित परिवार के भरत भाई पुरोहित और उनके परिवार के अजयराज, प्रेमराज, विजयराज, उदयराज, नटवरलाल और भरत कुमार पिछले कई वर्षों से मुंबई में निवासरत हैं। मुंबई में भी यह परिवार अस्पताल बनवाने जैसे जनहित के कई काम करवा चुका है। उनके सेवा कार्यों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बोरिवली रेलवे स्टेशन के सामने चौक का नाम प्रेमराज चौक कर दिया है। अब इसी परिवार ने गांव में नया अस्पताल बनवाने का भी वादा किया है। जो गाँव के लोगों को जल्द मिलने वाला है। एक छोटे से गाँव में ऎसी व्यवस्था को देखकर हर कोई चर्चा करने को मजबूर हो रहा है।

 

अजयराज पुरोहित का गाँव में विकास को लेकर ये रहा योगदान

पोसितरा गाँव में भामाशाह के रूप में विकास को लेकर आगे आए अजय राजपुरोहित ने गांव के तालाब को मॉडल बनाने के लिए सौंदर्य करण करवा दिया। वहां पर जंगली जानवरों के डुप्लीकेट चित्र भी लगवाए गए हैं। जिसमें आसपास घास होने के चलते लोग उसमें व्यायाम व रात्रि में टहलने का काम भी करते हैं। वही तालाब के पास महाराणा प्रताप की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया है जो गांव की शोभा को बढ़ा रही है। साथी वह प्रतिमा आज स्कूली बच्चों व लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई है। ऐसे कई अनगिनत विकास के कार्य है इसको लेकर भामाशाह हमेशा तत्पर रहते हैं। प्रवास में निवास होने के बाद भी गांव के विकास में कोई कमी नहीं आने दे रहे हैं।

 

भरत पुरोहित ने विभिन्न गांवों की स्कुलो में करवाया काम

नटवरलाल पुरोहित, अजयराज पुरोहित,के बाद दोनों भाईयों के साथ हनुमान की तरह हमेशा साथ देने वाले भरत भाई पुरोहित ने भी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम किया,भरत भाई पुरोहित ने डागराली विद्यालय में दो कमरें बनवाएं एक पानी की प्याऊ,और विद्यालय का मुख्य दरवाजा बनवाया,और नगवणा विद्यालय में भी पुरे विद्यालय का रिनोवेशन करवाया और अनादरा में आदर्श विद्यालय में भी एक कमरा बनवाया,और कुछ दिनों पहले ही गुलाबगंज स्कूल और डाक विद्यालय में 50 जोड़ी स्टुल टेबल दिए

 

सरपंच भी दे रहे अहम योगदान, विकास को लेकर तत्पर

गाँव में विकास को लेकर पोसितरा ग्राम पंचायत सरपंच महेंद्र कुमार भी गांव में विकास के लिए भामाशाह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। गांव में लोगों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ देते हुए गांव के विकास में अहम योगदान निभा रहे हैं। वही भामाशाह का सहयोग लेकर भी गाँव के विकास के बारे में हर समय तत्पर रहते हैं।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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