आमजन के लिए आफत बना स्टेट हाइवे का निर्माण, हरदम हादसे की आशंका

आमजन के लिए आफत बना स्टेट हाइवे का निर्माण, हरदम हादसे की आशंका
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पुलिया निर्माण ने खड़ी की समस्या तो सड़क ने बढ़ाई चिंता

विभागीय अधिकारियों की अनदेखी व ठेकेदार की मनमर्जी से ग्रामीणों में आक्रोश

मायलावास

सरकार द्वारा आमजन की सुविधा हेतु कई प्रकार की योजनाएं तो संचालित करवाई जाती हैं लेकिन विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से उन योजनाओं का फायदा आमजन को समय पर नही मिल पा रहा हैं। विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार के बीच सांठगांठ के इस खेल ने इन्हें सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया हैं। दरअसल 33 करोड़ की लागत से मोकलसर-मायलावास- राखी व खंडप तक 23 किमी सड़क के बीच मायलावास चौराया से लुदराड़ा गांव के बीच में लंबे समय से पुलिये का कार्य अटका पड़ा हैं। साइड में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर आधी अधूरी दीवार बनाई गई हैं। सीमेंट के पिलर खड़े कर उसमें लोहे के सरिए रोप कर कार्य को उसी हालत में छोड़ दिया हैं। पास में एक गहरा गड्डा जिसको लोग जान सांसत में डालकर पार करते हैं। यहाँ तक कि दुपहिया वाहनों ने तो सुरक्षा के लिहाज से अपना रास्ता ही अलग बना दिया हैं। लेकिन गाड़िया फिसलने व पंचर होने का क्रम अभी भी जारी हैं। आमजन के सुरक्षा की इन्हें कोई परवाह नही इसलिए सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नही किए गए हैं।

 

ग्रामीण बोले: आफत बन गया पुलिया

ग्रामीणों ने बताया की जब सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ तब एक उम्मीद जगी थी कि अब सफर आसान होगा लेकिन इसका निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ पड़ा हैं। यहां खुदाई कर गहरे गड्ढे बना दिए हैं वहीं बीच में पड़े नुकीले पत्थरों से आए दिन वाहन पंचर हो रहे हैं। जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह सड़क लोगों के किए आफत सी बन गई हैं। हालात यह हो गए हैं कि लोग इस सड़क से सफर करने को कतरा रहे हैं। 

 

विभागीय अधिकारियों की अकर्मण्यता के चलते आज भी निर्माण कार्य अधूरा

दरअसल 33 करोड़ की लागत से मोकलसर-मायलावास-राखी व खंडप तक 23 किमी दूरी तक सड़क का नवीनीकरण व विस्तारीकरण होना था। जिसका जुलाई 2022 में टेंडर हुआ था, और इस सड़क का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूर्ण होना था लेकिन ठेकेदार की मनमर्जी व विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते आज भी सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हैं। जानकारी के मुताबिक पहले इसकी चौड़ाई 12 फ़ीट थी जिसे बढ़ाकर 24 फीट चौड़ाई में सड़क बनाई जानी थी लेकिन आज इस सड़क की क्या स्थिति हैं इसका अंदाजा इस सड़क मार्ग से गुजरने वाले ही लगा सकते हैं।

 

दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को आज भी सड़क का इंतजार

सरकार ने इस सड़क मार्ग को स्टेट हाइवे 64ए नाम देकर 33 करोड़ का बजट जारी किया ताकि मोकलसर, मायलावास, राखी, खंडप, गोलिया के अलावा नीलकण्ठ, भोरड़ा, रामा, राणा गांव सहित दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण इस सड़क मार्ग से सफर कर सकें लेकिन आज यही सड़क मार्ग इन लोगों के लिए आफत बन गया हैं। अच्छी सुविधा की जगह दुविधा बन गई। विकास में तेजी की बजाय गिरावट आ रही हैं। ऐसे में विभाग के दावों की पोल खुलती नजर आ रही हैं।

आवश्यक सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं

पुल निर्माण कार्य शूरू होने से पहले दोनों तरफ सुरक्षा के बैरीकेड लगाये जाने चाहिए थे। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश संबंधी बोर्ड दोनों ओर बड़े अक्षरों के साथ रेडियम पट्टी के साथ लगाये जाने चाहिए थे ताकि आने वाले वाहन रात को भी निर्माण संबंधी स्थल को दूर से समझ सकें। निर्माण से पहले और निर्माण के दौरान सुरक्षा के कई मापदण्ड पहले ही तय किये जाते हैं लेकिन एस्टिमेशन के अनुसार सुरक्षा के मापदण्ड का पालन नही हो रहा है। ऐसे में कभी भी कोई तेज गति से आते हुए वाहन यहां बने गड्ढे में गिर सकते हैं।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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