जिला कलेक्टर ने ली मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु अंतरविभागीय समीक्षा बैठक

जिला कलेक्टर ने ली मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु अंतरविभागीय समीक्षा बैठक
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मलेरिया से आमजन के बचाव हेतु मिशन मोड पर करें काम: जिला कलेक्टर

बाड़मेर

जिला कलेक्टर निशांत जैन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेंस हॉल में ज़िले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु महत्त्वपूर्ण अंतरविभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से डेंगू, मलेरिया सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के मलेरिया, डेंगू आदि मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु वृहद स्तर पर एंटी लारवा गतिविधियां करवाई जाए। आवश्यकता अनुसार फॉगिंग, टेमीफॉस और एमएलओ का छिड़काव करवाया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मलेरिया के अधिक खतरे वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर बचाव हेतु सघन रूप से कार्य करें। स्वास्थ्य सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मिशन मोड में कार्य करते हुए लगातार फील्डविजिट कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यो की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। 

      जिला कलेक्टर ने कहा कि मलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों का फैलाव रोकने हेतु सभी विभाग सतर्क रहकर कार्य करें। बरसात के दिनों में जल भराव के खतरे वाले क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान दें। उन्होंने कहा कि ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी अपने खंड में मेडिकल अधिकारियों एवं एएनएम स्तर तक बैठकें लेकर स्थिती की निरन्तर एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करें। ज़िला कलेक्टर ने कहा की मौसमी बीमारियों के रोकथाम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

वृहद स्तर पर की जाए फोगिंग एवं फोकल स्प्रे

 जिला कलेक्टर ने कहा कि मलेरिया के अत्यधिक खतरे वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां वृहद स्तर पर फोगिंग की जाए। इस हेतु आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त उपकरणों के खरीद आरएमआरएस के माध्यम से की जाए। ब्लॉक स्तर पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरींग की जाए ताकी किसी भी क्षेत्र में फोगिंग के अभाव में मौसमी बीमारियां ना फैलें। 

 

 विद्यालय-छात्रावासों पर दें विशेष ध्यान

जिला कलेक्टर ने कहा कि बालक-बालिकाओं को मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों से बचाने हेतु विद्यालयों पर विशेष रूप से ध्यान दें। वहां सर्वे करवरकर एंटी लारवा गतिविधियां की जाए। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों में विशेष तौर पर छिड़काव किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यालयों में होने वाली प्रार्थनासभा के दौरान बच्चों को स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा मलेरिया-डेंगू आदि के बारे में जागरूक किया जाए तथा बरती जाने वाली सावधानियां के बारे में बताया जाए। 

बैठक में बताया गया जिले में मलेरिया की 86 और डेंगू के 3 केस सामने आएं हैं। ज़िले में मौसमी बीमारियों के मरीजों के बारे में सूचना प्राप्त होते ही सत्यापित करके तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी मरीजों को रेडिकल ट्रीटमेंट (14 दिन की खुराक) दिया जा रही है ताकि दोबारा बीमारी ना हो और वह बीमारी के वाहक ना बने। ज़िले में क्रश मलेरिया विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। बैठक में 1 जनवरी से लेकर 30 जून तक मलेरिया का प्रसार रोकने हेतु संचालित गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 

 

मानसून के दौरान बाढ़ से बचाव की रखें सभी तैयारियां

जिला कलेक्टर ने कहा की मानसून के दौरान ज़िले में बाढ़ से बचाव हेतु समय रहते तैयारी पूरी कर ली जाए। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष रुप से ध्यान दिया जाए। इस हेतु स्थानीय अधिकारी उपखंड स्तर पर डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठकें लें एवं बाढ़ बचाव एवं प्रबंधन की तैयारियों का प्रभावी निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि इस हेतु सभी संबंधित विभाग आपस में समन्वय के साथ कार्य करें। बाढ़ बचाव हेतु सभी उपखंड स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम क्रियाशील रहे। स्थानीय स्तर पर बचाव उपकरणों के साथ-साथ सभी आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि जर्जर राजकीय भवनों को गिराने हेतु सभी आवश्यक प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी कर ली जाएं। 

 

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ पलानीचामी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजीव मित्तल सहित विभिन्न विभागाधिकारी, सभी उपखंड, ब्लॉक स्तरीय एवं तहसील स्तरीय अधिकारी तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी वीसी एवं अन्य माध्यमों से उपस्थित रहे।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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