आजादी के 75 साल बाद भी रोडवेज बस सेवा से अछूते दर्जनों गांव

आजादी के 75 साल बाद भी रोडवेज बस सेवा से अछूते दर्जनों गांव
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समय व पैसों की दोहरी मार झेल रहे जालोर जिले के रायथल गांव के वासिंदे

जालोर

जिले के आहोर उपखंड क्षेत्र का रायथल गांव लम्बे समय से रोडवेज बस सेवा से वंचित है, रोड़वेज बस सेवा के लिए ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अगवत कराया। लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। जानकारी के अनुसार गांव में रोडवेज बस नहीं आती हैं। जिस कारण ग्रामीणों को मजबूरन निजी बसों या निजी वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। वहीं राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिको दिव्यांगों सहित अन्य लोगों के लिए रोडवेज बस में किराया में मिलने वाले रियायत का भी लाभ नहीं मिल पा रहा हैं ग्रामीणो को उपखण्ड मुख्यालय और जिला मुख्यालय जाने के लिए सीधी बस सुविधा नहीं होने के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं निजी बसे भी गांव में एक दो आती हैं। इस पर ग्रामीणों ने बताया कि मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित हैं। आवागमन के साधनों का टोटा हैं। जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर गांव में आजादी के बाद 8 साल पूर्व पहली बार एक बस का संचालन सीधे तौर पर हुआ था, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली थी. लेकिन पूर्व में 7 साल पहले आई बाढ़ के बाद से बस बंद कर दी गई। एक निजी बस का संचालन वाया रायथल हो रहा हैं। वहीं यह बस जालोर तक 30 किलोमीटर का सफर 3 घंटे में तय करती हैं जिससे इस सेवा से किसी तरह का फायदा लोगों नहीं मिल रहा हैं। इधर संसाधनों के अभाव में लोगों को अपने स्तर पर ही व्यवस्था कर जरूरी काम होने पर जिला मुख्यालय तक पहुंचना पड़ता हैं।

 

ग्रामीण बोले

विद्यार्थियों को रायथल समेत आसपास के गांवो से स्कूल शिक्षा के बाद मुख्य रुप से कोलेज आना जाना होता हैं लेकिन आवागमन के साधनों के अभाव में परेशान होना पड़ता हैं। सरकार इस रूट के लिए रोडवेज बस सेवा का विस्तार करें।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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