बुजुर्ग दम्पति को नहीं मिला पीएम आवास व शौचालय, 15 साल से भटकने पर मजबूर

बुजुर्ग दम्पति को नहीं मिला पीएम आवास व शौचालय, 15 साल से भटकने पर मजबूर
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बुजुर्ग बोला – जानबूझकर रखा गया योजनाओं से वंचित, इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए

दिया बेतुका जवाब – अधिकारी से मिला तो कहा आवास चाहिये तो प्रधानमंत्री के घर चले जाओ।

समदड़ी

बालोतरा जिले के समदड़ी तहसील की सिलोर ग्राम निवासी एक बुजुर्ग दम्पति बीरबलराम पुत्र मानाराम विश्नोई ने विकास अधिकारी समदड़ी को ज्ञापन भेजकर पीएम आवास व शौचालय योजना का लाभ दिलवाने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना व शौचालय के लिए पंचायत सिलोर में सन् 2012 से चक्कर लगा रहा है। इधर पिछले 14 साल से ग्राम पंचायत प्रशासन उन्हें झूठा आश्वासन देकर बुजुर्ग दम्पति को टरका रहे हैं। ज्ञापन में बताया कि उनके कोई लड़का नहीं है। 75 वर्षीय दोनों दम्पति ही निवास करते है। ग्राम पंचायत की हठधर्मिता व मनमानी के कारण बुजुर्ग दम्पति को खुले में शौच करते हुए शर्मसार होना पड़ता है। मगर कोई सुनने वाला नहीं है। दम्पति के रहने के लिए कच्छी झोपड़ी बनीं हुईं हैं। ज्यादा बारिश आने से झोपड़ी में पानी टपकता है। हालत ख़राब होती हैं। उनके कमाने वाला कोई नहीं है।

आवास चाहिए तो प्रधानमंत्री के घर चले जाओ

गत 27 जून 2024 को बुजुर्ग आवास व शौचालय की लिखित मांग को लेकर ग्राम विकास अधिकारी करनाराम चौधरी के समक्ष पेश हुआ। तो चौधरी ने बुजुर्ग से अभद्रता से पैश आते हुए कहां कि प्रधानमंत्री आवास चाहिए तो प्रधानमंत्री के घर चलें जाओ। फिर विकास अधिकारी से बुजुर्ग मिला तो उसने जरूर अर्जी सख्या 865 पर दर्ज कर बुजुर्ग को आश्वासन दिया की जांच करवाता हूं।

 

इनका कहना है

मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना व शौचालय मिलें या नहीं मिलें। मैं प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे में आता हूं। या नहीं। इसकी जांच ग्रेजुएशन अधिकारी से करवाना चाहता हूं। मेरे से कहीं गुना अच्छी स्थिति वाले को इस योजना का लाभ मिल रहा है और मैं वंचित हूं। मेरी अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई तो जिला कलेक्टर व प्रधानमंत्री महोदय को प्रार्थना पत्र लिखकर उच्च अधिकारी से जांच कराने का निवेदन करुंगा।

बीरबलराम बुजुर्ग, सिलोर

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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