देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हुआ सरकारी भवन

देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हुआ सरकारी भवन
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जिम्मेदारों की अकर्मण्यता के चलते नही ली जा रही सुध

राखी

कहते हैं कि भारत गांव में बसता है मगर यह सब पंक्तियां सिर्फ कागजों में ही पढ़ने और देखने में अच्छी लगती है गांवो की हालत आजादी के सात दशक बाद भी वैसी की वैसी ही हैं जिसका अंदाजा उक्त तस्वीर से लगाया जा सकता हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों की नजर इस तरफ नही जा रही हैं। दरअसल मायलावास चौराया से पाली जाने वाले स्टेट हाइवे 64ए पर स्थित ग्राम पंचायत राखी खेल मैदान के पास बना यह सरकारी भवन देखरेख के अभाव में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा हैं। जानकारी के मुताबिक यह भवन जलदाय विभाग द्वारा बनाया गया था, विभिन्न अटकलों की वजह से इस भवन का सदुपयोग नही हो पाया। बाद में संबधित विभाग द्वारा इसकी सुध नही लेने की वजह से आज यह भवन नकारा साबित हो रहा हैं। असामाजिक तत्वों ने दरवाजे तक गायब कर दिए हैं। वहीं शराबियों की चरणस्थली बना हुआ हैं जहां दिनभर जाम छलकते रहते हैं फिर खाली बोतलें भी वहीं फोड़ देते हैं। अगर सरकार चाहें तो इस भवन का जीर्णोद्धार करवाकर इसको उपयोग में लिया जा सकता हैं लेकिन आज दिन तक ऐसा हो नही पाया हैं। परिणामस्वरूप यह भवन खंडहर में तब्दील हो चुका हैं।

 

जीर्णोद्धार की दरकार

ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर भवन का निर्माण करवाया था, लेकिन देखरेख के अभाव में यह भवन असामाजिक तत्वों व शराबियों का अड्डा बन चुका हैं। ग्राम पंचायत को इसका जीर्णोद्धार कर इसका संरक्षण करना चाहिए ताकि किसी भी सरकारी विभाग के लिए इसका उपयोग किया जा सकें। स्टेट हाइवे से जुड़ा हुआ होने व एकांत में होने की वजह से इसका जमकर दुरपयोग हो रहा हैं। ऐसे में संबधित विभाग को इसका जीर्णोद्धार करवाकर उपयोग में लेना चाहिए।

 

इनका कहना

अगर संबधित विभाग द्वारा इसकी देखरेख की गई होती तो आज यह सरकारी भवन खंडहर में तब्दील न हुआ होता। बावजूद इसके किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की नजर इस तरफ नहीं जा रही हैं। क्योंकि इनके पास विकास पर चर्चा करने की या जनता का दुख दर्द समझने की फुर्सत नहीं है।

धीरज गुर्जर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष, सिवाना

 

देखरेख के अभाव में यह भवन आज लावारिश पड़ा हुआ हैं, जिसका दुरपयोग हो रहा हैं। असमाजिक तत्वों का अड्डा बन गया हैं। चोर भी इस भवन की पनाह ले सकते हैं इससे इनकार नही किया जा सकता। ऐसे में संबधित विभाग को इसका जीर्णोद्धार करवाकर उपयोग में लेना चाहिए।

मानसिंह राखी, समाजसेवी

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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