माली समाज के जन प्रतिनिधियों का सम्मान समारोह

माली समाज के जन प्रतिनिधियों का सम्मान समारोह
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समारोह में पहुंचे कैबिनेट मंत्री अवीनाश गहलोत, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग

जालोर

जालोर के धरड़ा पावटी रोड़ पर माली समाज जालोर की ओर से समाज के जनप्रतिनिधियों का सम्मान समारोह हुआ। समारोह में कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत व राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत जिनके साथ जालोर विधायक व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग का भी सम्मान किया गया। इसके साथ ही माली समाज सहित अन्य समाज के द्वारा जवाई नदी को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री व राज्यसभा सांसद को ज्ञापन दिया गया। मंत्री ने कहा- जाति पंत धर्म व मजहब, व्यक्तिवाद, परिवारवाद से ऊपर उठ कर देश के लिए काम करें। जो गौरव पिछले 10 वर्षों में देश को मिला उसे आगे बढ़ाने का काम अब हमारे हाथ में है। माली समाज के द्वारा जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह के आयोजन में पहुंचे राज्य के समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत ने सर्व प्रथम संत लिखमीदास महाराज, ज्योति बां फुले व सावित्री बाई फुले की तस्वीर के आगे दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। समाज के वरिष्ठ व पदाधिकारियों ने माला, साफा व स्मृति चिन्ह देकर जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया। समाज की छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सायला थानाधिकारी रामेश्वरलाल का भी स्वागत किया गया। विधानसभा मुख्य सचेतक ने संबोधित करते हुए गर्ग ने कहा की लोकगीतों द्वारा देशभर में जालोर की पहचान बनाने वाले लोकगायक पोलजी माली के नाम पर जालोर में एक सड़क का नाम करण किया जाएगा । उन्होंने जालोर कॉलेज व कृषि मंडी का नामकरण जालोर शासक कान्हड़देव व वीरमदेव के नाम किये जाने का जिक्र किया। गर्ग ने कहा की शीघ्र ही जालोर में नए बने पुल का नामकरण कान्हड़देव प्रबंध के लेखक पद्मनाभ के नाम पर किया जाएगा। अब सत्ता की चाबी हमारे पास है। अतः विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जालोर में गिटको होटल के पास से लाल भाखरी जाने वाले रास्ते पर सड़क निर्माण होगा। जवाई नदी में भरपूर पानी की आवक थी, जिसको जवाई बांध बनाकर रोका गया। सायला में चुनावी सभा में गृह मंत्री ने आश्वासन दिया था कि जवाई को दोबारा जीवित किया जायेगा। इसका काम अन्तिम चरण में हैं। हम जवाई के फाटक के करीब पहुंच चुके, जल्द ही हमारा काम होगा।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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