अनदेखी: क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत नही, हरदम हादसे की आशंका

अनदेखी: क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत नही, हरदम हादसे की आशंका
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पुलिया पार कर मंदिर में दर्शन को पंहुच रहे भक्तजन

मायलावास

सिवाना उपखंड क्षेत्र के मायलावास गांव स्थित मेला मैदान से चामुंडा माता मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते पर निर्मित पुल पिछले कई समय से जर्जर हाल में है। जिसके चलते यहां ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद लंबे समय से जिम्मेदार इस पुल की मरम्मत करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा पा रहे हैं। जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त हैं। दरअसल पहाड़ी के समीप बने इस पुलिया से पानी वेग के साथ बहता हैं, जिससे धीरे धीरे पुलिया और भी जर्जर होता जा रहा हैं। जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता हैं। ग्रामीणों ने बताया की यह विहंगम स्थल हैं। यहां पहाड़ों की तलहटी में चामुंडा माता व खेतजाली का मंदिर भी हैं, जहां दर्शन के लिए भक्तों की रेलमपेल लगी रहती हैं। वहीं बारिश के मौसम में मनमोहक झरने बहते हैं, जो कई दिनों तक बहते रहते हैं जिसको देखने दूर दराज से कई श्रद्धालु अपने वाहन लेकर यहां पहुंचते हैं ऐसे में यह पुल ज्यादा वजन होने की वजह से कभी भी ढह सकता हैं। अगर समय रहते इसकी मरम्मत नही करवाई गई तो किसी दिन बड़ी अनहोनी होने से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब हैं कि यहां चामुंडा माता व खेतलाजी का मंदिर होने की वजह से दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता हैं। जबकि सुबह व शाम के वक्त यहां लोग टहलने के लिए इसी पुल के ऊपर से गुजरते हैं। ऐसे में जर्जर हाल में यह पुल कभी भी हादसे का सबब बन सकता हैं इसके बावजूद भी जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं।

 

बारिश के मौसम में मंडराता हैं खतरा

उल्लेखनीय हैं कि बारिश के मौसम में यहाँ पहाड़ों से झरने उफान पर होते हैं और वो झरने इसी पुल के नीचे से गुजरते हैं और यहां पर पानी का जमाव भी होता हैं इसलिए लोग यहां नहाने का लुत्फ उठाते हैं। ज्यादा दिनों तक पानी का भराव होने की वजह से नमी बनी रहती हैं, ऐसे में जर्जर हाल यह पुलिया कभी भी ढह सकता हैं इससे बड़ी अनहोनी होने से इनकार नही किया जा सकता।

 

युवाओं की पहली पसंद हैं यह जगह

यहां पहाड़ों का विहंगम दृश्य, पहाड़ों पर छाई हरियाली और बारिश के मौसम में बहते खूबसूरत झरनों की वजह से गांव के युवाओं सहित दूर दराज के लोग यहां फ़ोटो सेशन करवाने आते हैं जिसमें अधिकतर फोटो शूट इसी पुल पर किये जाते हैं। ऐसे में यह पुल कब हादसे का सबब बनें इस पर कुछ कहा नही जा सकता।

 

भारी वाहन का गुजरना खतरे से खाली नही

यह पुल एक तरफ से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका हैं ऐसे में दो दोपहिया वाहन तो एक साइड से गुजर सकते हैं लेकिन चार पहिया वाहन या कोई भी भारी वाहन चालक की जरा सी भी चूक जान ले सकती हैं। क्योंकि ऊपर से गुजरने पर इसकी वास्तविक स्थिति का अंदाजा नही लगाया जा सकता। जबकि साइड से देखने पर पुलिये का हुआ कटान आसानी से देखकर अंदाजा लगाया जा सकता हैं। इसलिए भारी वाहनों का इस पुल से गुजरना खतरे से खाली नही हैं।

 

इनका कहना

पुलिया काफी समय से जर्जर हाल में हैं। मां चामुंडा व खेतजाली का मंदिर होने की वजह से इस रास्ते से दिनभर लोगों का आवागमन होता रहता हैं, इसलिए जिम्मेदार विभाग तुरंत इसकी मरम्मत करवाकर आमजन को राहत प्रदान करावें।

हनुमान प्रजापत, ग्रामीण मायलावास

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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