खनिज अधिकारियों के शह पर हो रहा है, शिवरीनारायण महानदी में अवैध उत्खनन।

खनिज अधिकारियों के शह पर हो रहा है, शिवरीनारायण महानदी में अवैध उत्खनन।
Spread the love

छत्तीसगढ़:

शिवरीनारायण महानदी में खनिज लीज खत्म होने के बावजूद खनिज विभाग के द्वारा मोटी रकम लेकर धड़ल्ले से रेत खनन माफियाओ को 24 घंटे रेत खनन परिवहन की छुट देकर रखी है। रेत माफिया शिवरीनारायण से रेत चोरी कर डंपरो जिले भर में खपाते हुए मोटी कमाई कर रहे हैं। रेत माफियो के इतने हौसले बुलंद हैं कि अवैध रेत से भरे डंपर इतनी तेज रफ्तार से चलाते हैं कि अगर कोई इनके सामने आ जाए तो उन्हें कुचल कर आगे बढ़ जायेंगे।

 

लम्बे समय से चल रहा है अवैध रेत का खनन।

 

 शिवरीनारायण से महानदी से दिन रात लगातार रेत का अवैध खनन काफी लंबे समय से जारी है। जिसे खनिज अधिकारी देख कर भी अनदेखा कर दे रहे हैं

कहा जाता है कि इस रेत के अवैध कारोबार में काग्रेस और भाजपा के कुछ छुटभैये नेता शामिल हैं। जो रेत चोरी कर राजस्व को करोड़ो का चुना लगाकर रातोरात मालामाल हो रहे है। शिवरीनारायण महानदी सहित अन्य सहायक नदियों के बंद रेत घाटों से पिछले डेढ़ साल से दिन रात धड़ल्ले से अवैध उत्खनन हो रहा है। 

 

अधिकारी माफियो से कर रखी है साठगांठ

कभी कभार परिवहन में लगे दो चार हाइवे और ट्रैक्टरों को पकड़कर खनिज विभाग खानापूर्ति की कार्यवाही कर लेता है। और अखबारों में सुर्खियां बटोर लेता है। एसे में इन रेत घाटों से अवैध उत्खनन करने वाले रेत माफियाओ के हौसले और बुलन्द हो जाते है और लगातार महानदी से रेत उत्खनन जारी है। रेत माफिया अब तक बिना रायल्टी के नदियों का सीना चीरकर रेत खनन कर शासन को करोड़ों रूपए का चूना लगा चुके हैं। और यह खेल अनवरत जारी है। जिले में रेत माफिया जिला प्रशासन के अधिकारियों पर भारी पड़ रहे हैं। यह कहना अतिश्योक्ति नही होगी कि रेत माफियो से अधिकारी मोटी रकम लेकर इन्हें खुली छूट दे रखी है। अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई केवल दिखावे के लिए की जा रही है। जिसके कारण बेखौफ होकर रेत माफिया खनन और परिवहन कर रहे हैं। लोगो का कहना है कि रोजाना इन घाटों से रात दिन 24 घंटे ट्रेक्टर के माध्यम से बड़ी मात्रा में रेत उत्खनन कर बेचा जा रहा है। अगर जल्द ही उच्च अधिकारी इस गम्भीर मामले में ध्यान देकर कोई ठोस कार्यवाही नही करते है तो महानदी का अस्तित्व ही मिटने में ज्यादा देर नही लगेगी।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!