दिन के उजाले में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन नतमस्तक

दिन के उजाले में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन नतमस्तक
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नियमों को ताक पर रख, पातालतोड़ खुदाई, अधिकारियों व सफेदपोश नेताओं की मिलीभगत से नही होती कार्यवाही

समदड़ी। भवानी सिंह फूलण

प्रदेश में जहां सरकार ने अवैध खनन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा रखा है और सरकारी विभागों के कारिन्दे भी दिखावे की कार्रवाई कर सरकार को आंकड़ों की पूर्ति भी कर रहे हैं। वहीं, समदड़ी कस्बे के देवड़ा, फूलण आदि गांवों में खनन माफिया अवैध तरीके से खनन कर कई ट्रेलर, ट्रैक्टर-ट्रॉलिया रोजाना खनन करते हुए मोकलसर, समदड़ी व सिवाना थाना के नाक के नीचे से गुजर रहे हैं। जबकि राजस्थान की भजनलाल सरकार इन अवैध खनन माफिया के सख्त कार्रवाई के मूड में है। लेकिन जिनके कंधों पर यह जिम्मेदारी है, वह भी महज खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं। प्रदेशभर में जहां सरकार ने अवैध खनन को रोकने के सरकारी आदेश जारी कर चुकी है। लेकिन अवैध खनन करने वाले नियमों को ताक पर रखकर अब अवैध खनन का यह काम दिन रात करने में लगे हुए हैं। बता दे कि इस अवैध खनन के धंधे में हर तबके के लोग शामिल हैं। नेताओं, पुलिस और प्रशासनिक महकमे से लेकर कई नौकरशाह तक, कइयों के तो उनके चहेतों या पारिवारिक सदस्यों या रिश्तेदारों के माइंस और क्रशरों में हिस्सेदारी भी हैं। जिनके नहीं हैं, उन्हें बाकायदा मंथली हिस्सेदारी बंधी है। इसलिए कोई राजनीतिक दल भी अवैध खनन को मुद्दा नहीं बनाता है।

 

ब्लास्टिंग से पंहुच रही भारी क्षति

इधर ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन के कारण हो रही ब्लास्टिंग से पशुओं की मौत हो रही है, सड़के खराब हो रही है, पहाड़ खत्म हो गए, फसल अच्छी नहीं हो पाने से किसान परेशान हैं, जल स्तर नीचे चला गया है। हालात ये हैं कि गांवों से निकलने वाले डंपरो के कारण कई बार एक्सीडेंट हो जाने से कई मौत भी हो चुकी है। इस बारे में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया मगर इनके द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही हैं।

 

इन माइनिंग माफियों से आमजन परेशान

श्रीराम ग्रेनाइट, स्टोन गैलरी, श्याम ग्रेनाइट, सौरभ ग्रेनाइट, फतेह ग्रेनाइट और उज्जवल ग्रेनाइट नामक माइन्स मालिकों द्वारा दबंगई से ग्रामीणों के साथ घोर अन्याय किया जा रहा हैं। जिससे ग्रामीण परेशान होकर पलायन करने को मजबूर हैं।

 

हो रहा प्रतिबंधित विस्फोटक का उपयोग

पत्थर व्यवसायियों पर खनन विभाग मेहरबान है, क्षेत्र में अवैध खनन का धंधा भी फल-फूल रहा है। सूत्रों की माने तो उक्त खदान में खनन में प्रतिबंधित विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट का भी प्रयोग होता है। चर्चा है कि उक्त खदान संचालकों को खनिज विभाग ने जिन नियम शर्तों के अलावा जितना भू-खण्ड पत्थर उत्खनन के लिए दिया था, उससे कहीं अधिक क्षेत्र में उत्खनन का कार्य किया गया है, इसके अलावा पत्थर खदान संचालकों ने पत्थर उत्खनन स्थल को खाई के रूप में परिवर्तित कर दिया है, इससे स्पष्ट होता है कि अवैध खनन प्रशासन की मिलीभगत से होता है।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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