तरसा रही है बारिश, अभी तक सम्पूर्ण क्षेत्र में नही चले खेतो में हल।

तरसा रही है बारिश, अभी तक सम्पूर्ण क्षेत्र में नही चले खेतो में हल।
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 गांवो की नाड़िया तालाब सूखे पेयजल की भयंकर किल्लत

सिवाना

सिवाना तहसील क्षेत्र में जेठ महीना बीत गया है। तथा आषाढ़ के तीन दिन कम हो गए हैं। लेकिन अभी तक क्षेत्र के सभी गाँवो में हल जोतने लायक भी बारिश नही हो पाई है। जिससे वर्तमान में आमजन व पशुओं के सामने पेयजल की भयंकर किल्लत पैदा हो गई है। आम लोगों को खरीफ फसलों की बुवाई के साथ साथ आने वाले वर्ष में पीने के पानी की चिंता सता रही हैं। अभी तक ग्रामीण अंचल में ज्यादातर गांवो के पौराणिक जलस्त्रोत तालाब नाडिया एवं सरकारी बांध, एनीकट, खडीन, चेकडैम, खाली पड़े हैं। जिले व उपखण्ड के सबसे बड़े मेली बांध में एक बून्द भी बारिश के पानी की आवक नही हो पाई है। इसके साथ ही छप्पन की पर्वतमालाओं में स्थित ग्राम पंचायत गोलिया गांव के नानेरी बागुण्डा बांध, धीरा बांध,सेला बांध, हेमावास एनीकट, मांगी बांध, सहित दर्जनों बांधो एनीकटों में पानी की आवक नगण्य है।

 

औसत से आधी भी नही हुई बारिश

क्षेत्र में पीने व सिचाई के पर्याप्त पानी के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम 600 एमएम बारिश की जरूरत होती है।जिससे सभी नलकूप रिचार्ज हो सके।जिससे आने वाले पूरे वर्ष के लिए किसानों को रबी फसल के सिचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सके तथा कस्बो गांवो में सरकारी नलकूप भी रिचार्ज हो सके साथ ही गांवो के तालाबो नाड़यों में पीने योग्य पानी एकत्रित हो सके।लेकिन अभी तक क्षेत्र में तहसील में मात्र 50 एमएम बारिश नही होने के कारण किसानों को आने वाले वर्ष के लिए सिचाई व पेयजल की चिंता सता रही है। गत वर्ष भी कम बारिश होने से सिवाना कस्बे सहित गांवो में पेयजल की किल्लत पैदा हो गई थी। वर्तमान में भी कस्बे सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में अभी से पेयजल संकट गहराता जा रहा है।

इनका कहना है।

पेयजल की भयंकर किल्लत

बारिश में हो रही देरी से लोगो की चिंताएं बढ़ती जा रही है। लोगो तथा पशुओं के सामने भयंकर पेयजल समस्या खड़ी है। इस महंगाई में आर्थिक मंदी के दौर में महंगे दामों पर मोल पानी मंगवा रहे हैं। इधर सरकार ने टैंकरों से की जा रही सप्लाई भी बन्द कर दी है। जिससे लोग पेयजल के लिए तरस रहे हैं।

हुकमसिंह खिंची सरपंच कुसीप

 गांवो कस्बो के पौराणिक जलस्त्रोत व बांध एनीकट खाली पड़े हैं। भरपूर बारिश नही हुई तो पेयजल रिचार्ज की समस्या खड़ी हो गई है। जिससे आने वाले वर्ष में पीने के पानी के साथ साथ रबी फसलों की सिचाई करना मुश्किल हो जाएगा। सरकार पेयजल के लिए पोकरण फलसुंड बालोतरा सिवाना पेयजल परियोजना को शुरू करवाने के लिए त्वरित कार्यवाही करें।

छगनलाल बोस पूर्व उप सरपंच देवड़ा

 

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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