डेयरी पशु प्रबंधन एवं महिला उद्यम एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु साझा प्रयास

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कौशल एवं हुनरमंद महिलाएं ही परिवार के स्वावलंबन का मुख्य आधार – शांता देवासी

बाड़मेर 

कौशल एवं हुनरमंद महिलाएं परिवार के स्वावलंबन का मुख्य आधार है| वर्तमान समय में महिला उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उन्नयन एवं सशक्तिकरण हेतु महती आवश्यकता है| उक्त बात सोसायटी टु अपलिफ्ट रूरल इकोनामी (शयोर) बाड़मेर द्वारा केयर्न फाउंडेशन के सौजन्य से संचालित डेयरी विकास एवं पशुपालन परियोजना के तहत अंबाराम चौधरी का घर जाजूसन ग्राम पंचायत हाडेतर मैं आयोजित महिला उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम उत्पाद निर्माण पैकिंग एवं मार्केटिंग संबंधी जन जागरूकता प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महिला उद्यम एक्सपर्ट शांता देवासी ने कही देवासी ने संस्था द्वारा डेयरी विकास एवं पशुपालन परियोजना के तहत ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उत्पाद निर्माण पैकिंग मार्केटिंग इत्यादि में सकारात्मक सहयोग प्रदान करने हेतु संस्था की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि महिला उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक उन्नति एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु बहुत ही सराहनीय प्रयास है| इससे ग्रामीण महिलाओं के रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे |उक्त अवसर पर बोलते हुए कार्यक्रम प्रबंधक हनुमान राम चौधरी ने उपस्थित अतिथियों एवं संभागियों का स्वागत करते हुए एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य की स्पष्टता करते हुए कहा की महिला दुग्ध उत्पादक एवं ग्रामीण महिलाएं ग्राम स्तर पर बड़े स्तर पर महिला कुटीर उद्योग एवं स्थानीय उत्पाद का गुणवत्ता युक्त तैयार कर कर स्वयं एवं परिवार के लिए आर्थिक स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो सकती है इस कार्य में पैकिंग एवं मार्केटिंग मैं सहयोग हेतु संस्था हमेशा सहयोग देने हेतु तत्पर है और रहेगी| चौधरी ने महिला उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम की वर्तमान समय में महता अवधारणा एवं ग्रामीण महिलाओं हेतु आवश्यकता इत्यादि पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि भारतीय कृषि और पशुपालन का चोली दामन का साथ है| चौधरी ने पशुओं की समय-समय पर नियमित पशु चिकित्सक से जांच करने टीकाकरण एवं डीवार्मिंग करने पशु नस्ल सुधार करने हरा चारागाह का विकास करने पशुओं को संतुलित पशु आहार खिलाने स्वच्छ दुग्ध उत्पादन पर जोर देते हुए देसी गाय का पालन कर संस्कार एवं संस्कृति का बचाव सुनिश्चित करने के साथ ही जैविक खेती उत्पादन और हर घर एक पौधा लगाने का आह्वान किया| उक्त अवसर पर बोलते हुए सहायक परियोजना समन्वयक मालाराम गोदारा ने कहा की महिला पशुपालक सशक्त जागरूक संगठित हाेकर ही उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं का वृहत स्तर पर पालन कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकती है| प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीण महिला कार्यकर्ता भागवती कुमारी ने परियोजना के तहत महिला उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की | प्रशिक्षण कार्यक्रम में समाजसेवी एवं प्रगतिशील पशुपालक अंबाराम चौधरी ने परियोजनाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में समुदाय को मिल रहे फायदाओं के बारे में जानकारी प्रदान की| प्रशिक्षण कार्यक्रम में 39 महिलाओं सहित कुल 44 महिला दुग्ध उत्पादकों एवं ग्रामीणजनों ने भाग लिया| प्रशिक्षण मैं उपस्थित सभी संभागीयो को नेल कटर गृह वाटिका पुस्तिका एवं डेयरी एवं कृषि वार्षिक कैलेंडर एवं 1120 सुपर नेपियर डंठल प्रोत्साहन स्वरूप वितरित किए गए| प्रशिक्षण में जोशना कुमारी मीना देवी विमला कुमारी प्रियंका कुमारी रेखा कुमारी ललिता कुमारी जसी देवी एवं निरमा कुमारी ने अपने विचार व्यक्त किए| प्रशिक्षण कार्यक्रम की समाप्ति पर सुरेखा कुमारी मेघवाल एवं कार्यक्रम प्रबंधक हनुमान राम चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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