आमजन और पुलिस के तालमेल से कानून व्यवस्था होती है बेहतर: पुलिस महानिरीक्षक

आमजन और पुलिस के तालमेल से कानून व्यवस्था होती है बेहतर: पुलिस महानिरीक्षक
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निरीक्षण कर संवाद स्थापित किया, कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के सुझाव दिए

जालोर

पाली रेंज महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने गुरुवार को जालोर पहुंचकर कोतवाली थाने का निरक्षण किया। उन्होंने आमजन, सीएलजी सदस्य सहित अन्य समाजसेवी नागरिकों से संवाद किया। जिले की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। जालोर पहुंचने पर एसपी मोनिका सैन ने आईजी को गुलदस्ता देकर स्वागत किया। जिले में चोरी की बढ़ती वारदातों पर भी रेंज आईजी ने अपनी बात रखी। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की ओर से पाली को संभाग बनाने के बाद पहली बार पाली रेंज महानिरीक्षक ओमप्रकाश जालोर दौरे पर पहुंचे थे। पुलिस फोर्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में सीएलजी सदस्य, व्यापारियों व आमजन से संवाद कर जालोर में कानून व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए। रेंज आईजी ने नागरिकों से जालोर की प्रमुख समस्याओं के बारे में बात की। नागरिकों ने अपनी बात रखी। कई पीड़ितों की परिवेदना भी प्राप्त की। उन्होंने कहा की जाबालीपुर का 8वीं सदी का इतिहास है। यहां कई बाहरी शक्तियां आईं और गुजरीं। लेकिन जालोर और सिरोही के लोग की मानवता और भाईचारे को तोड़ा नहीं जा सका। यह आज भी कायम है। महानिरिक्षक ने कोतवाली का निरीक्षण किया। इसके बाद व्यापारी मंडल व जैन समाज ने आईजी का माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान एसपी मोनिका, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वलाल, वृतधिकारी रतनाराम देवासी, नरेन्द्र चौधरी, हिम्मत सिंह चारण, मुकेश कुमार, सीए अशोक कुमार, कोतवाल राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित व जितेन्द्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

 

संवाद कार्यक्रम में आमजन उठाई शहर की समस्याएं

कोतवाली परिसर में आईजी ओमप्रकाश ने सीएलजी सदस्यों, पुलिस मित्रों, पुलिस सखी से संवाद किया। यहां उर्मिला दर्जी ने कहा कि होस्टल की बच्चियों को स्कूल से घर तक पहुंचने में परेशानी होती है, कई बार मनचले परेशान करते हैं। कई बार तो हॉस्टल तक पीछा करते हैं, यह गम्भीर प्रकरण है। इनकी सुरक्षा के लिए सिपाही तैनात की मांग रखी। अम्बालाल परिहार ने शिवाजी नगर गांधी स्कूल के आगे नन्हे बच्चों की सुरक्षा के लिए सिपाही तैनात करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यहां से भारी वाहन गुजरते हैं, जो हादसे का कारण बन सकते हैं। इनके अलावा अशोक गुर्जर, डिम्पल सिंह, बंशीलाल सोनी, ममता माली, आदिल समेत सदस्यों ने अपने सुझाव रखे।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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