महाराणा प्रताप विराट जयन्ती महोत्सव: हरे घास री रोटी ही, जद बन बिलावडो ले भाग्यो नान्हों सो अमरयो चीख पड्यो, राणा रो सोयो दुःख जाग्यो पर झुमे श्रद्धालुं

महाराणा प्रताप विराट जयन्ती महोत्सव: हरे घास री रोटी ही, जद बन बिलावडो ले भाग्यो नान्हों सो अमरयो चीख पड्यो, राणा रो सोयो दुःख जाग्यो पर झुमे श्रद्धालुं
Spread the love

पोसितरा गाँव में भामाशाह अजयराज पुरोहित की ओर से भक्ति रस कार्यक्रम आयोजित

स्वर सम्राट छोटू सिंह रावणा, स्वर कोकिला सोनू सिसोदिया ने दी प्रस्तुति

रेवदर

समीपवर्ती पोसितरा गाँव में गुरूवार रात्रि महाराणा प्रताप विराट जयन्ती महोत्सव पर भक्ति रस व वीर रस भजन संध्या का आयोजन बड़े ही धूमधाम के नक्की झील तालाब में सम्पन्न हुआ। जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने शिरकत की। कार्यक्रम में भामाशाह अजयराज पुरोहित की ओर से घर-घर न्यौता देने के बाद पांडाल भीड़ से खचाखच भरा नजर आया। कार्यक्रम का सफल आयोजन बनाने के लिए हर एक कार्यकर्ता तन मन से जुटा रहा। कार्यक्रम को लेकर भामाशाह की ओर से नक्की झील तालाब गांव व भामाशाह की ओर से निर्मित सर्किलों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया। भक्ति रस कार्यक्रम की शुरुआत गणपति वंदना के साथ शुरू की। इसके बाद आयोजित भक्ति रस कार्यक्रम में उपस्थित भक्त जनों ने देर रात तक नृत्य करने का आनंद उठाया। वही कार्यक्रम में कलाकार छोटू सिंह रावणा का महाराणा प्रताप की प्रतिमा व केसरिया शाल ओढाकर स्वागत किया गया। वही भामाशाह अजयराज पुरोहित ने सिरोही की तलवार भेंटकर अभि नंदन सत्कार किया। मंच संचालन कमलेश पुरोहित द्वारा किया गया।

 

भारत का बच्चा बच्चा जय श्रीराम बोलेगा पर झुमे भक्त, जगिया पिंटिया ने भी हंसा-हंसा कर किया लोटपोट

पोसितरा गाँव के नक्की झील में भामाशाह अजय राज पुरोहित द्वारा महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित रात्रि भजन संध्या में स्वर सम्राट छोटू सिंह रावणा, स्वर कोकिला सोनू सिसोदिया द्वारा राष्ट्रहित व भक्ति रस कार्यक्रम के दौरान भजनों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। भजन संध्या की शुरुआत गणपति वंदना से हुई। जिसके बाद छोटुसिंह रावणा द्वारा भारत का बच्चा बच्चा जय श्रीराम बोलेगा, राम आएंगे तो अंगना सजाएगें सहित राष्ट्रहित के सुन्दर भजनों पर नन्हे मुन्ने बच्चों ने भी नृत्य करने का आनंद उठाया। वही हरे घास री रोटी ही, जद बन बिलावडो ले भाग्यो नान्हों सो अमरयो चीख पड्यो, राणा रो सोयो दुःख जाग्यो ….की प्रस्तुति पर पांडाल में बैठे लोगों ने महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए। इसके बाद एक से बढ़कर महाराणा प्रताप के भजनों की प्रस्तुतियों पर माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। जिसके चलते देर रात तक लोग कार्यक्रम को सुनने के लिए बैठे रहे। कार्यक्रम में हास्य कलाकार जगिया पिंटिया ने प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया।

क्यूआर कोड स्कैन कर लोगों ने जमकर डाउनलोड किए फोटो

पोसितरा गाँव में महाराणा प्रताप विराट जयन्ती महोत्सव को लेकर नक्की झील में बनाए गए पांडाल परिसर में क्यूआर कोड स्कैनर भी लगाए गए ।जिसमें मोबाइल से स्कैन करते ही संबंधित लोगों की पूरे प्रतिष्ठा महोत्सव की फोटो गैलेरी ऑटोमेटिक उसके मोबाइल में पहुंच जाती है। जिसको लेकर भी उपस्थित श्रद्धालुओं ने जमकर क्यूआर कोड स्कैन किया ओर कार्यक्रम के दौरान खीचें फोटो में से स्वयं के फोटो भी डाउनलोड किए। लोगों ने इस तकनीक का भी लुप्त उठाया।

महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण के बाद पहला भव्य कार्यक्रम, लोगों ने भक्ति रस कार्यक्रम को सहारा

पोसितरा गांव में भामाशाह अजय राजपुरोहित की ओर से कुछ समय पहले ही गांव में महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम का आयोजन किया था। जिसमें महाराणा प्रताप के वंशज डॉक्टर लक्ष्यराज सिंह भी पहुंचे थे। इसके बाद महाराणा प्रताप जयंती पर भामाशाह अजय राजपुरोहित की ओर से भक्ति रस कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। जिसमें सैकड़ो की तादाद में भक्तों ने हाजरी लगाई। भामाशाह लगातार इस वीर पुरुषों की धरती को लेकर लोगों में अलग जगाने के लिए सर्कल का निर्माण भी करवा रहे हैं। आज महाराणा प्रताप सर्कल भी युवाओं के लिए प्रेरणादायक व स्कूली बच्चों के लिए पिकनिक पॉइंट बनता जा रहा है। जिसको लेकर भी भामाशाह की वाह वाही हो रही है।

 

कार्यक्रम के दौरान ये विशिष्ट अतिथियों व विशेष सहयोगी रहे मौजूद

महाराणा प्रताप विराट जयंती महोत्सव समारोह में मंछाराम पुरोहित, विजयराज पुरोहित, उदयराज पुरोहित, नटवरलाल पुरोहित, भरत पुरोहित, धीरज, डॉ मोहन श्रीमाली, दीपेन्द्र सिंह पीथापुरा, हिदाराम देवासी, हरिसिंह देवडा, दलपत सिंह, मफतलाल माली, डायालाल दवे, जेताराम चोधरी, शेतान सिंह देवडा, राजेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, सूरजपाल सिंह, गोवर्धन सिंह, महेंद्र कुमार मीठालाल, खंगारराम वाण, सरेदान, चुन्नीलाल, मोहनलाल वीरचंद, धनपाल सिंह, झालाराम, नरेंद्र कुमार, शांतिलाल, अजयपाल, खेताराम, कालूराम, विजयराज, दिनेश पुरी, सवाराम, रणछोडराम, पारस कुँवर देवडा सहित उपस्थित रहे।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!