जनसुनवाई कार्यक्रम में गरमाया चिकित्सा व सड़क का मुद्दा

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अस्पताल में निशुल्क दवा फिर भी बाहर की दवाइयां लेने पर मजबूर मरीज

धोरीमन्ना

सोमवार को धोरीमन्ना पंचायत समिति सभागार में आम जनसुनवाई की बैठक का आयोजन पंचायत समिति प्रधान ईन्दु बाला विश्नोई की अध्यक्षता में एवं राजस्थान सरकार राज्य मंत्री केके विश्नोई के सानिध्य में जनसुनवाई का कार्यक्रम संपन्न हुआ जहां धोरीमन्ना अस्पताल में निशुल्क दवा वितरण प्रणाली होते हुए भी डॉक्टर द्वारा मरीजों को बाहर की दवाई लेने को मजबूर किया जाता है। इस पर राज्य मंत्री ने डॉक्टर को फटकार लगाते हुए प्रणाली को सुधारने के निर्देश दिए। धोरीमन्ना उपखंड अधिकारी धीरेंद्रसिंह सोनी ने कहा की मांगता में खून जांच के अलावा कोई भी सुविधा नहीं मिलती है। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कोई औचित्य नही रहता है। इस पर मंत्री ने बीसीएमओ की क्लास लेते हुए जब जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तब डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य वीरेंद्र बोला ने कोजा, पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग रखी। वहीं नर्मदा नहर परियोजना में सफाई नहीं होने पर पंचायत समिति सदस्यों ने एतराज एवं संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही ग्रामीणों ने रामजी का गोल के नर्मदा कार्यालय में अधिकारी एवं कर्मचारी नहीं बैठने का भी आरोप लगाया। धोरीमन्ना सरपंच संघ अध्यक्ष रामूराम ने कहा की 20 महीना से नरेगा का भुगतान अटका हुआ है इस पर विद्युत डिस्कॉम को निर्देशित कर पाबंद किया कि किसानों को उनके हिस्से की बिजली 6 घंटे नियमित रूप से मिलनी चाहिए। लुखु सरपंच आशुराम गुरलिया ने डिस्कॉम पर आरोप लगाया की कृषि कनेक्शन के नाम पर कार्यकारी एजेंसी से रुपए वसूली करने का मामला सामने आ रहा है, जिसकी जांच की जाए। बिपरजोय तूफान के दौरान टूटी सड़कें सुधारने की मांग की। इस पर सुधारने का आश्वास दिया। एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों को जल जीवन मिशन योजना के तहत 24 महीना में पानी पहुंचाने का हर घर तक कार्य पूरा करवाने का भरोसा दिलवाया। उल्लेखनीय हैं कि धोरीमन्ना अस्पताल को पिछली सरकार ने ट्रॉमा सेंटर एवं जिला उप स्वास्थ्य केंद्र बनाया जिसके अंदर ब्लड जांच के अलावा किसी प्रकार की कोई जांच नहीं होती। ग्रामीणों ने कई बार मांग की मगर कोई सुनवाई नही हो रही हैं।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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