दस रुपए का सिक्का लेने से इनकार कर रहे पेट्रोल पंप कर्मी

दस रुपए का सिक्का लेने से इनकार कर रहे पेट्रोल पंप कर्मी
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युवक ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर करवाई शिकायत दर्ज, संचालक की सफाई: अंत में तो सिक्का लिया। फिर इतनी देर आनाकानी क्यों?

मोकलसर

इन दिनों 10 रुपए के सिक्के लेने में अधिकांश दुकानदारों द्वारा आनाकानी की जारी है। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सिवाना उपखण्ड क्षेत्र के मोकलसर कस्बे में देखने को मिला। गत 1 मार्च को नेशनल हाईवे 325 पर स्थित जैन फिलिंग पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारी ने पेट्रोल भरवाने आए लुदराडा निवासी लक्ष्मण लुकड़ से 10 रुपये का सिक्का लेने से मना कर दिया। युवक ने पेट्रोल पंप कर्मचारी का आनाकानी करते हुए का वीडियो भी बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पेट्रोल पंप कर्मचारी युवक से 10 रूपये का सिक्का लेने से मना कर रहा है। कारण पूछने पर जवाब मिला कि दस का सिक्का बंद हो गया है। इसके बाद दोनों में तीखी बहस हुई। कर्मचारी पेट्रोल पंप मालिक को कॉल कर 10 रुपये का सिक्का लेने की बात करता है। तब पेट्रोल पम्प मालिक 10 रुपये का सिक्का लेने से साफ मना कर देता है। युवक ने पेट्रोल पंप मालिक व कर्मचारी के खिलाफ राजस्थान संपर्क पर शिकायत दर्ज करवाई है। 

वाकई दस का सिक्का लेने से इनकार कर रहे?

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पेट्रोल पंप संचालक बौखला गया। स्टेटमेंट के लिए फोन किया तो बौखलाए संचालक ने स्टेटमेंट देने की बजाय, बेतुके तर्क रखने शुरू कर दिए। बोला कि मेरे पास दस रुपये के बड़ी तादाद में 10 के सिक्के पड़े हैं। कोई नही ले रहा हैं यहां तक कि संचालक डंके की चोट पर यह कह रहा हैं कि मोकलसर एसबीआई शाखा भी सिक्के लेने से इनकार करती हैं इसलिए मैं जोधपुर जाकर ये सिक्के जमा करवाता हूँ। तो क्या वाकई भारतीय मुद्रा की वैल्यू इतनी सी रह गई कि कोई दस का सिक्का लेने को तैयार नही?

 

बौखलाए संचालक के बिगड़े बोल

वीडियो की पुष्टि के लिए संचालक को कॉल किया तो बोला कि दस का सिक्का कोई नही लेता यहां तक कि बोला कि चाय की दुकान वाले भी नही लेते, इसलिए अब जो जो नही ले रहे हैं, इसका वीडियो लेने संचालक के साथ पत्रकार को चलना होगा। हालांकि संचालक यह भूल रहा हैं कि जिस तरीके से इस पेट्रोल पंप की मनमानी एक जागरूक नागरिक ने सार्वजनिक की इसी तरीके से संचालक भी वीडियो बनाकर भारतीय मुद्रा लेने से इनकार करने वालों को बेनकाब कर सकता हैं। 

 

फिर इतना ड्रामा क्यों?

संचालक का दावा हैं कि आखिरकार हमने सिक्का तो लिया, बिल्कुल लेना भी चाहिए और एक जिम्मेदार नागरिक का यही फर्ज बनता हैं कि वो रिजर्व बैंक द्वारा जारी किसी भी मुद्रा को स्वीकार करें। जब मुद्रा वैद्य हैं तो फिर लेने से इनकार क्यों? संचालक का यह भी कहना हैं कि आखिर सिक्का लिया तो हैं, तो ज्ञात रहें कोई अहसान नही किया बल्कि भारतीय मुद्रा को स्वीकार करना हर भारतीय का दायित्व हैं।

 

आप यहां कर सकते हैं शिकायत

यदि कोई बैंक 10 रुपए के सिक्के लेने से मना करता हैं या फिर किसी तरह की बहानेबाजी करता है तो आप आरबीआई कार्यालय में और यदि कोई दुकानदार सिक्का लेने से मना करता है तो पुलिस में शिकायत कर सकते हैं।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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