गुरू भगवन्तों की निश्रा में राजेन्द्रसूरी अष्टप्रकारी पूजा आयोजित

गुरू भगवन्तों की निश्रा में राजेन्द्रसूरी अष्टप्रकारी पूजा आयोजित
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श्री आदिनाथ जिनबिम्बों की प्रतिष्ठा अंजनशलाका दशान्हिका प्रभुभक्ति महा महोत्सव

सायला

निकटवर्ती रेवतडा में श्री आदिनाथ जिनबिम्बों की प्रतिष्ठा अंजनशलाका दशान्हिका प्रभुभक्ति महामहोत्सव को लेकर शनिवार को गुरू भगवन्तों की निश्रा में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान्नों का आयोजन हुआ। महोत्सव के तहत प्रातः अयोध्या नगरी में प्रभु के जन्म बधाई कार्यक्रम का आयोजन हुआ। दोपहर में आराधना भवन में राजेन्द्रसूरी अष्टप्रकारी पूजा का आयोजन हुआ। जिसमें संगीतमय धुन के साथ गुरूदेव राजेन्द्र सूरी की महिमा का बखान किया गया। साथ ही आरती एवं आंगी रचना का आयोजन हुआ। शाम को विनीता नगरी में प्रभुभक्ति का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के दौरान अयोध्या नगरी में बने बहुमान कक्ष में विभिन्न चढावों के लाभार्थियों का बहुमान किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को प्रातः मंदिर प्रांगण में भगवान जन्म कल्याणक अट्ठारह अभिषेक विधान, विनिता नगरी में जन्म कल्याणक कार्यक्रम, दोपहर को आराधना भवन में अट्ठारह अभिषेक पूजा एवं शाम को प्रभुभक्ति का आयोजन हुआ। इस दौरान बडी संख्या में श्रावक श्राविकाएं मौजूद रहे। 

 

आज होंगे यह अनुष्ठान्न

महामहोत्सव को लेकर रविवार को सुबह प्रभु का लग्नोत्सव विधान होगा। इसके बाद प्रातः आठ बजे महादेव मंदिर से गाजे बाजे के साथ वराही शांतिनाथ दादा का भव्य नगर प्रवेश होगा। दोपहर को आराधना भवन में शांतिनाथ पंच कल्याणक पूजा, तत्पश्चात मांगलिक मेहन्दी कार्यक्रम एवं शाम को प्रभु भक्ति का आयोजन होगा। 

 

हेलीकॉप्टर से नगर का भ्रमण 

महामहोत्सव को लेकर लोगों को निर्धारित शुल्क पर हेलीकॉप्टर से रेवतडा नगर का भ्रमण करवाया जा रहा है। जिसका लुत्फ उठाने के लिए बडी संख्या में लोग सिडप फांटे के पास स्थित हेलीपेड पर पहुंच रहे। साथ ही लोग हेलीकॉप्टर में बैठकर सेल्फी एवं फोटोग्राफी का भी आनन्द ले रहे है।

 

मनमोह रही प्रतिष्ठा की भव्यता 

प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर रेवतडा में विशाल अयोध्या नगरी बनाई गई है। जिसमें भरत चक्रवर्ती नगरी, विनीता नगरी, राज राजेन्द्र बहुमान नगरी बनाई गई है। साथ ही जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों की प्रदर्शनी की गई है। वही गांव के मुख्य मार्गाे को भव्य प्रवेश द्वार एवं होर्डिंग्स से सजाया गया है। जिन्हे देखने मात्र से ही प्रतिष्ठा का भव्यता जाहिर हो रही है और हर किसी का मनमोह रही है।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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