आबादी क्षेत्र में संचालित हो रही मार्बल कटिंग की फैक्ट्रियां, जिम्मेदार मुखदर्शक

आबादी क्षेत्र में संचालित हो रही मार्बल कटिंग की फैक्ट्रियां, जिम्मेदार मुखदर्शक
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आमजन की सेहत पर पड़ रहा बुरा असर, वातावरण हो रहा दूषित

नमस्कार नेशन/समदड़ी

कस्बे में करोड़ों रुपए खर्च कर रीको क्षेत्र को विकसित किया गया हैं। बावजूद इसके आज भी कई मार्बल कटिंग की फैक्ट्रियां आबादी क्षेत्र के बीच रहवासीय कॉलोनियों में धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आबादी क्षेत्र में संचालित इन फैक्ट्रियों की वजह से रहवासियों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा हैं। जानकारी के अनुसार वायु प्रदूषण कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने भारी मशीनों से ध्वनि प्रदूषण कर आबादी क्षेत्र में ये फैक्ट्रियां कोलाहल पैदा कर रही है। जबकि नियमानुसार इन फैक्ट्रियों का संचालन औद्योगिक क्षेत्र में होना चाहिए और वो भी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से प्राप्त एनओसी में उल्लेखित नियम-शर्तों के साथ। मगर यहां चल रही स्टोन कटिंग की फैक्ट्रियां नियम-शर्तों का उल्लंघन करते हुए लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। और प्रशासन बेखबर हैं। कार्यवाही के अभाव में इनके हौंसले बुलंद हैं।

 

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एनओसी भी जरूरी

पत्थर कटिंग की फैक्ट्रियों के संचालन के लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एनओसी लेना जरूरी होता है। एनओसी में फैक्ट्री संचालन के लिए कई नियम-शर्तें सुझाई होती है, मगर क्षेत्र में चलने वाली फैक्ट्रियां एनओसी में उल्लेखित नियम-शर्तों पर खरी नहीं उतरती है। और समंदरी क्षेत्र में राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा कोई प्रभावी मॉनिटरिंग नही हो रही हैं। जिसके चलते लोग जहां मन किया वहां फेक्ट्री खोलते जा रहे हैं।

 

लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर

आबादी क्षेत्र में इस प्रकार की फैक्ट्रियों के संचालन से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा हैं। खासकर छोटे बच्चे, बड़े-बुजुर्ग दमा सांस संबंधी रोगियों के लिए ये जानलेवा भी हो सकती है। घनी आबादी क्षेत्र होने से फैक्ट्रियों में कटिंग मशीनों का शोर-गुल उड़ने वाला पाउडर से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। फैक्ट्रियों में उड़ने वाले पाउडर से सांस दमा संबंधी बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।

 

प्रशासन ने साधी चुप्पी

आबादी क्षेत्र में स्टाेन कटिंग की फैक्ट्रियों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। लोग परेशान हो रहे हैं, साथ ही एनओसी में उल्लेखित नियम-शर्तें पर भी ये पूरी नहीं करते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कार्रवाई तो दूर इन्हें रोक-टोक करने वाला भी कोई नहीं है। परिणामस्वरूप इनके हौंसले बुलंद हैं।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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