जलदाय विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी निकला डबल खिलाड़ी

जलदाय विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी निकला डबल खिलाड़ी
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विभाग का कार्यालय जर्जर हाल फिर भी दे दिया किराए पर

सेवानिवृत्त कर्मचारी हर महीने मजदूरों से जलदाय विभाग के भवनों का किराया वसूली कर कूट रहा है चांदी

पादरू 

राज्य सरकार के पीएचइडी विभाग में व्याप्त उदासीनता का खामियाजा विभाग के सिवाना उपखंड के पादरू स्थित दफ्तर को भुगतना पड़ रहा है पादरू में स्थित जन स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दफ्तर में कोई कर्मचारी नहीं हैं।राज्य सरकार ने सुचारू जलापूर्ति एवं लोगों की पेयजल समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए कस्बे में स्थित दो दशक से कार्यालय जर्जर हाल व सुना पड़ा है और एक मात्र रिटायर्ड सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी चांदी कूटने में लगा हुआ है और उनके ही भरोसे पर संचालित हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी वह भी समय पर यहां उपस्थित नहीं रहते हैं।विभाग के कमरें बने हुए वह भी मजदूरों को किराए पर दे दिया हैं। रविवार सुबह पड़ताल की तो पता चला की पीएचइडी विभाग के भवनों में अनार फल कटिंग करने आए हूए बाहरी राज्यों से श्रमिकों को किराए पर दे दिया है और हर महीने सेवानिवृत्त कर्मचारी श्याम शर्मा किराया वसूल रहा है। इसकी पड़ताल की और कर्मचारी को फोन किए तो बोला ऐसा कुछ नहीं है में पादरू पहुंच कर श्रमिकों को बाहर निकाल देंगें, हालांकि श्रमिकों के रूपये ट्रांसफर किए हुए का स्क्रीनशॉट उपलब्ध थे। यह बात श्रमिकों से कि तो बोले की हमें तो किराय पर रूम दिया हुआ हैं हम हर महिने किराया देते हैं। ज्ञात रहे की जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों की निगरानी के अभाव में कमरें जर्जर अवस्था में पड़े हैं प्लास्टर गिर रहा हैं दीवारें क्षतिग्रस्त होकर गिर रही हैं। महज एक सप्ताह पहले अचानक कमरें की दीवारें गिरने से बड़ा हादसे होने से टल गया दीवार गिरने के समय कमरे कोई नहीं था।विभाग को जानकारी होने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। पानी की समस्या यहां आए दिन रहती हैं। ग्रामीणों ने कहा की जलापूर्ति की अनियमितता के चलते पादरू के कस्बेवासियों में रोष व्याप्त है।विभाग को अनगिनत बार बार अवगत करवाने के बाद भी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं। 

 

 

जलदाय विभाग कागजों तक सीमित

सहायक अभियंता के अधिकारी की सिणधरी व पचपदरा दोनों का चार्ज होने से पचपदरा बैठते हैं। और पादरू के कनिष्ठ अभियंता सिणधरी बैठते हैं कभी-कभार ही पादरू पहुंच कर वापिस लौट जाते हैं, ऐसे में पेयजल समस्या का त्वरित समाधान नहीं हो पाता है। उल्लेखनीय हैं कि पिछले लंबे समय से पानी की किल्लत बनी हुई हैं गर्मी के समय में प्यास बुझाने के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई रहती हैं कभी कभार पानी खुलता हैं। उसमें भी थोड़ा सा पानी छोड़ कर बंद कर दिया जाता है। वहीं पानी की सप्लाई के अभाव के चलते आमजन के साथ ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है पादरू के ग्रामीणों ने बताया कि कस्बे के कहीं जगह पर्याप्त पानी आ जाता है और कहीं जगह तो पानी को बूंद बूंद के लिए तरस रह जाते हैं,लेकिन जलदाय विभाग की ओर से ध्यान नहीं देने से आमजन परेशान हैं । वहीं टेंकरों से मोल महंगे पानी खरीद कर प्यास बुझानी पड़ रही है। उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत करवाने के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।ग्रामीणों ने बताया की हर समय पानी की समस्या आम हो गई है इसका स्थाई समाधान नहीं होने से आए दिन हमें पानी के लिए तरसना पड़ता है लेकिन जलदाय विभाग की ओर से मॉनिटरिंग व देखरेख के अभाव में हल्क तर करने को मजबूर है

 

इनका कहना

उपतहसील पादरू कस्बा बड़ा है, लेकिन यहां बन्द दफ्तर लंबे समय से कनिष्ठ अभियंता की बाट जो रहा है कार्मिकों के रिक्त पद होने से यहां की व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

हितेश कुमार जैन ग्रामीण

 

निगरानी के अभाव व मॉनिटरिंग के लिए कोई अधिकारी नहीं होने से व्यवस्था बहुत चरमराने लगी है हालात यह हो गए हैं आए दिन मोटर,पंप खराब हो जाते हैं। ग्रामीण जल संकट की समस्या अब किसको बताए कोई सुनने वाला नहीं है।

मेहबूब खांन, ग्रामीण

हमें श्याम जी शर्मा से रूम किराए पर लिया हुआ है, और हम हर महीने का किराया श्याम जी को उनके फ़ों पे नंबर. +91 94146 34030 इस पर ऑनलाइन फ़ों पर उनको कर देते हैं।

अजय झारखंड किराया पर रहने वाले श्रमिक

 

सेवानिवृत्त कर्मचारी का संपर्क कर दूरभाषा पर दिया गया जवाब

मैं इनको नहीं पहचानता ओर कौन हैं कमरों में मजदूर कौन रहते हैं, मैं पहुंच कर खाली करवाता हु,आप रूको अभी कुछ नहीं लिखना..इन सभी लोगों को बाहर निकालना हैं कौन रहते हैं।

श्याम शर्मा, सेवानिवृत्त कर्मचारी, जलदाय विभाग पादरु

 

अधिकारीयों का यह जवाब

दफ्तर जर्जर हाल हैं विभाग ठिक करवाएगा और मजदूरों को कमरें किराये पर दिये हुए हैं इसका मेरे को ध्यान नहीं हैं अभी पता करता हूं। यहा एक फिलहाल सेवानिवृत्त कर्मचारी लगा हुआ है। और कोई स्टाफ नहीं हैं। बिजली कनेक्शन अवैध नहीं है। कल ही पादरू आकर पता करता हूं यदि मजदूरों को किराए पर दिया हुआ है तो खाली करवाता हूँ।

लीला राम गर्ग, कनिष्ठ अभियंता, सिणधरी- पादरू

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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