हाइवे पर आसमान तले खड़े रहकर रोडवेज बसों का इंतजार।

हाइवे पर आसमान तले खड़े रहकर रोडवेज बसों का इंतजार।
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रोडवेज बस स्टैंड पर सरकारी बसों का ठहराव नही

सिवाना

कस्बेवासियों को गत दो दशक से रोडवेज बसों में यात्रा करने के लिए एनएच 325 पर मौसम की मार झेलते हुए आसमान तले खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ताहै जनप्रतिनिधियों की कमजोर पैरवी व पिछले दो दशक से उनकी नाकामी हाइवे से महज 500 फिट की दूरी पर सम्पूर्ण सुविधा युक्त बस स्टैंड पर लंबे अरसे से रोडवेज बसों का ठहराव नही हो रहा है। रोडवेज विभाग व स्थानीय प्रशासन की मनमानी व उदासीन रवैया अपनाए जाने का कारण भी इसमें आग में घी डालने का काम कर रहा है। नतीजन आमजन को सामान उठाए हाइवे पर आकर खड़े बसों का इंतजार करना पड़ता है। तथा कस्बे से गुजरने वाले राष्ठीय राजमार्ग 325 पर गर्मी सर्दी बारिश के मौसम में खुले में खड़े रहकर सरकारी बसों में यात्रा करने व असुविधाओ का सामना करना पड़ता है। वही हाइवे पर बसों का जमावड़ा होने से हर समय यातायात बाधित रहने से दुर्घटना का छाया आम राहगीरों पर मंडराता रहता है।

 

सुविधायुक्त 40 साल पूर्व स्थापित हुआ था बसस्टेंड।

गत 40 साल पूर्व कस्बे में रोडवेज बस स्टैंड की स्थापना हुई थी। बस स्टैंड पर जालोर, फालना, उदयपुर, सिरोही, चितौड़गढ़,बाड़मेर डिपो की 44 रोडवेज बसों का प्रतिदिन संचालन होता था।तथा जालोर डिपो की टिकिट बुकिंग रूम स्थापित किया था।जहाँ डिपो के तीन बुकिंग क्लर्क ड्यूटी पर तैनात थे।पन्द्रह साल पूर्व विभाग ने टिकिट बुकिंग केंद्र बन्द कर दिया।उसके बाद से बसस्टेंड पर राडवेज बसों का ठहराव बन्द हो गया। जबकि बस स्टैंड पर सुलभ शौचालय, पेयजल, यात्री विश्राम गृह इत्यादि सम्पूर्ण सुविधा मौजूद हैं।लेकिन रोडवेज बसो का ठहराव नही होने से यात्रीयो को सामान उठाए हाइवे पर जाना पड़ता है।जहा यात्रियों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

राजस्व घाटा भी रोडवेज को

बस स्टैंड पर रोडवेज बसों का ठहराव नही होने व टिकिट बिक्री केंद्र भी नही होने के कारण रोडवेज विभाग को प्रतिदिन हजारो रुपये का घाटा हो रहा है।साथ ही हाइवे पर रोडवेज बसों के आगे आगे अवैध बसों के संचालन से भी रोडवेज बसों का घाटा हो रहा है।

मनोज भन्साली वार्ड पार्षद

 कमजोर पैरवी से हालात बदतर

उपरोक्त समस्या को लेकर पिछले दो दशक से जनप्रतिनिधियों की कमजोर पैरवी का खामियाजा सिवाना की आम जनता भुगतने पर मजबूर हैं। बसस्टेंड पर सभी प्रकार की यात्रियों के लिए सुविधाए उपलब्ध होने के बावजूद सरकारी बसों का ठहराव नही होना यहाँ के जिताऊ जनप्रतिनिधियों की नाकामी को दर्शाता है। मदनलाल सेन सामाजिक कार्यकर्ता सिवाना।

 

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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