कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय व शारदे छात्रावास जाने वाला सड़क मार्ग बदहाल

कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय व शारदे छात्रावास जाने वाला सड़क मार्ग बदहाल
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सड़क पर झांक रहे नुकीले पत्थर, मजबूरन पथरीले रास्ते से आवागमन कर रही बेटियां

मायलावास

सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लेकिन बालिकाओं के आवागमन के लिए बनाया गया सड़क मार्ग इन बालिकाओं के लिए सिरदर्द बन चुका हैं। गौरतलब है कि सम्पूर्ण सिवाना तहसील में एकमात्र कस्तूरबा आवासीय विद्यालय एवं बालिका छात्रावास मायलावास गांव में स्थित हैं। बालिकाओं के आवागमन के लिए एक दशक पूर्व बनाई गई सड़क पूर्ण रूप से टूटकर बड़े-बड़े कंक्रीट में तब्दील हो चुकी हैं। बता दें कि मायलावास गांव से कस्तूरबा आवासीय विद्यालय जाने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग रखरखाव के अभाव में खस्ताहाल हो चुका हैं। देखरेख के अभाव और बड़े वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण यह सड़क मार्ग कई जगह से उखड़ चुकी हैं। सड़क पर बड़ी कंक्रीट होने से दुपहिया वाहन सवार हादसे का शिकार हो रहे हैं।

 

चोटिल हो रहे दुपहिया वाहन

जानकारी के मुताबिक लगभग एक दशक पूर्व निर्मित 3 किमी यह सड़क मरम्मत के अभाव में जर्जर हो गई हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कई जगहों पर सड़क से डामर उखड़ गई हैं और पत्थर बाहर झांक रहे हैं। पत्थरों के बाहर निकलने से दोपहिया वाहन सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके गाँव के लोग इस जर्जर मार्ग से आवागमन करने को मजबूर हैं। 

 

कोई सुनवाई नही हो रही

उल्लेखनीय हैं की यहां छात्रावास में रहने वाली बेटियां अध्ययन के लिए प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करती हैं। वहीं स्थानीय ग्रामीणों की भी दिनभर आवाजाही रहती हैं, इस सड़क मार्ग की मरम्मत के लिए लंबे समय से ग्रामीण मांग कर रहे हैं। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नही हो रही हैं जबकि आवागमन की दृष्टि से यह गांव के मुख्य मार्गो में से एक हैं, इसके बावजूद मरम्मत नही होने की वजह से ग्रामीणों में आक्रोश हैं।

 

इनका कहना

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय व शारदे छात्रावास जाने वाला सड़क पूरी तरह से बिखर चुका हैं, इसकी मरम्मत को लेकर कई बार मांग की गई मगर अब तक कोई सुनवाई नही हुई हैं, सरकार समस्या को गंभीरता से लेते हुए आमजन को राहत प्रदान करें।

अशोकसिंह राजपुरोहित

मायलावास सरपंच

 

गांव का मुख्य मार्ग होने की वजह से यहां दिनभर लोगों का आवागमन होता रहता हैं, वहीं बालिकाएं गांव में पढ़ने जाती हैं, सड़क मरम्मत को लेकर कई बार मांग की गई मगर अभी तक कोई सुनवाई नही हुई हैं।-

घेवरचंद सुंदेशा, पूर्व सरपंच मायलावास

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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