कंकरीट व पत्थर के रोड़े गड्डो में तब्दील सड़क बनी ग्रामीणों के लिए नासूर।

कंकरीट व पत्थर के रोड़े गड्डो में तब्दील सड़क बनी ग्रामीणों के लिए नासूर।
Spread the love

वाहन तो दूर की बात पैदल चलना भी बना हुआ है मुश्किल

यहाँ बड़े अधिकारी व जनप्रतिनिधि डेढ़ दशक से नही दे रहे हैं ध्यान

सिवाना

उपखण्ड मुख्यालय के नेशनल हाईवे 325 बालोतरा रोड के कुसीप सरहद से निकलने वाली दस किमी किटनोद बिठुजा आसोतरा सम्पर्क सड़क पिछले पंद्रह साल से गड्डो, कंकरीट व पत्थर के रोडो में तब्दील होकर आम ग्रामीणों के लिए आवागमन में नासूर जैसी समस्या बनी हुई है। यह सड़क सिवाना से बालोतरा नेशनल हाइवे से जुड़ी है। हाइवे से दस किमी की दूरी की यह सड़क पिछले 15 से उधड़ी हुई अवस्था में है। यहाँ डामर नाम की कोई चीज आपको नजर नही आएगी। पूरे तीन किमी मार्ग पर केवल कंकरीट पत्थर व बड़े बड़े जानलेवा गड्ढे होने के कारण यहाँ वाहन तो दूर की बात है। आपको पैदल चलना भी मुश्किल हो जाएगा। यह सड़क सीधे बिठुजा, किटनोद, आसोतरा से बालोतरा जाती है।

 

मांग के बावजूद सुनवाई नही

यहाँ पिछले 15 सालों से लगातार स्थानीय ग्रामीणों व गांव के चुनींदा प्रतिनिधियों द्वारा मर्तबा कई बार जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को सड़क निर्माण के लिए लिखित व मौखिक रूप से मांग के बावजूद लागतार समस्या की अनदेखी कर रहे हैं। जबकि प्रतिदिन ग्रामीण इस जीर्ण शीर्ण मार्ग पर आवागमन में परेशानी उठाते हुए चोटिल होने पर मजबूर है। वही गांव में आपात स्थिति में कोई टेक्सी या निजी किराए की गाड़ी भी किराए पर आने से कतराते हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को बीमार व्यक्ति व प्रसूताओं को चिकित्सालय ले जाने में भी भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।

 

मांग के बावजूद सुनवाई नही

पिछले कई वर्षों से यह सड़क बिलकुल जीर्ण शीर्ण हालत में होने से हम लोगो को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।सड़क निर्माण की मांग को लेकर पूर्व में कई बार ग्राम पंचायत के मार्फ़त प्रस्ताव आगे भिजवाए जा चुके है। लेकिन आज दिन तक कोई कार्यवाही नही हो पाई है।

हुकमसिंह खिंची सरपंच कुसीप

 

 

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!