अनूठी पहल: 5 लाख के टीके से इनकार कर नेग में लिया नारियल व 1 रुपया

अनूठी पहल: 5 लाख के टीके से इनकार कर नेग में लिया नारियल व 1 रुपया
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राजपूत समाज में सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने का दिया संदेश

ओसियां

शादी में टीका प्रथा का अब धीरे -धीरे ग्रामीण क्षेत्र में भी परित्याग कर बिना दहेज की शादियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। आधुनिकता के युग में पढ़े लिखे उच्च शिक्षित लोग टीका प्रथा के लोभियो को कड़ा संदेश देने के साथ-साथ समाज सुधार की दिशा में भी अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। समाजसेवी मगसिंह चौहान ने बताया कि ऐसे ही एक आदर्श मिशाल ओसिया के निकटवर्ती आशापुरा नगर में समाजसेवी ओंकारसिंह चौहान की सुपौत्री व भगवान सिंह चौहान की सुपुत्री रितिका कंवर की शादी भंवर सिंह मेड़तिया रावा कुचामन के सुपौत्र मोहनसिंह के साथ संपन्न हुई। शादी में वधु पक्ष की ओर से पांच लाख रुपए की राशि टीका स्वरूप वर मोहन सिंह को भेंट किया, परंतु वर के पिताजी मनोहर सिंह राठौड़ ने नारायण सिंह चौहान को टीके की राशि सहर्ष लौटा कर सामाजिक कुरीतियों को हटाने की मिसाल पेश की। इस दौरान वर पक्ष के लोगों ने बताया कि बेटी अनमोल धन है। पढ़ी लिखी बहू टीके से कई गुना ज्यादा हमारे परिवार की शोभा है। यदि वर पक्ष के लोग समझे, तो शिक्षा सिद्धांत एवं संस्कारवान बहु टीके से बहुत ज्यादा मूल्यवान है। इस पहल का ग्रामीणों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया और टीका प्रथा को पूर्णतया परित्याग करने का आह्वान किया। इस मौके पर गोपालसिंह भाटी पूर्व मैनेजर, ओमसिंह भाटी सरपंच प्रतिनिधि ओसियां, मोतीलाल सोनी, पूर्व सरपंच, भगवान दास राठी, पूर्व कर्नल बजरंग सिंह राठौड़, जबरसिंह चौहान, भंवरसिंह मेड़तिया, ओमप्रकाश शर्मा, मेघाराम हुड्डा, रेवतसिंह जयचंद, तुलछाराम प्रजापत, मुकनाराम सहित कई ओसिया के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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