पेयजल परियोजना का पानी आने वाले एक साल तक नही पहुँचेगा सिवाना ?

पेयजल परियोजना का पानी आने वाले एक साल तक नही पहुँचेगा सिवाना ?
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गुजरे पांच में हो पाया है बकाया दस किमी पाइप लाइन व अधूरे स्टोरेज निर्माण कार्य पूरा।

अब हो पाई है है पेयजल सप्लाई के लिए मेन टैंक निर्माण की स्वीकृति

सिवाना

इक्कीस साल से लंबित चल रही पोकरण फलसुंड बालोतरा सिवाना पेयजल परियोजना का कार्य बदलती सरकारों में ढीलाढाला चलने के कारण सिवाना सहित क्षेत्र के 101 गाँवो के ग्रामीण मीठे पानी को लेकर आज भी तरस रहे हैं। क्षेत्र की लगभग ढाई लाख की आबादी को बदलती सरकारे पिछले दो दशक से मीठे पानी को तरसा रही है। लोग बून्द बून्द पानी के लिए तरस रहे हैं। साथ में पशुधन भी पानी के लिए मारा मारा भटकने को विवश होने के बावजूद यहाँ के चुने हुए जनप्रतिनिधियों का दिल नही पसीज रहा है।जिसके कारण अभी भी आने वाले एक साल तक मीठे पानी की आस कही नजर आ रही है। वर्ष 2019 से परियोजना के बकाया कार्य के तहत महज दस किमी पाइप लाइन बिछाने व आधा स्टोरेज निर्माण का कार्य बकाया था। उक्त कार्य को पूरा करने में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को पांच साल लग गए। अभी इस परियोजना के तहत सिवाना कस्बे सहित आस पास के गाँवो में पानी सप्लाई के लिए वर्तमान सरकार ने 65 लाख लिटर की पेयजल सप्लाई की टँकी के निर्माण की स्वीकृति दी है। जिनके निर्माण के लिए जमीनी सतह से लगभग 1500 फिट की ऊँचाई पर पहाड़ी पर कार्य शुरू किया गया है। शायद इसके निर्माण में एक साल का समय ओर लग सकता हैं। 

 

इधर जल माफियो को चांदी कूटने का दे रहे हैं मौका

जनप्रतिनिधियों व बदलती सरकारों के परियोजना के प्रति बरते जा रहे उदासीन रवैये के कारण ही पिछले 21 साल से लगातार जल माफ़िया अवैध तरीको से पानी लाकर सिवाना कस्बे सहित आस पास के गाँवो में महंगे दामों पर पानी बेचते हुए चांदी कूटने में लगे हुए हैं। आम लोगो के प्यास बुझाने की मजबूरी का फायदा उठाकर जल माफ़िया महंगे दामों पर खुले आम पानी बेच रहे हैं। जबकि स्थानीय उपखण्ड प्रशासन ने कभी भी इनके द्वारा लिए जा रहे टेंकरो के मनमाने भावों को लेकर कोई कार्यवाही आज दिन तक नही की है। न टेंकरो के रीजनेबल भाव तय करने की पहल नहीं कर पाया है। जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।

 

संपादक: भवानी सिंह राठौड़ (फूलन)

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