05 जून से 20 जून तक मनाया जाएगा जल संग्रहण एवं जल संरक्षण अभियान पखवाड़ा

बालोतरा।

जिले में 05 जून से 20 जून तक जल संग्रहण एवं जल संरक्षण अभियान पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिसके तहत जिले में कई गतिविधियां का आयोजन किया जाएगा।
इसी के मद्देनजर बुधवार को जिला कलक्टर सुशील कुमार यादव की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला कलक्टर यादव ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में 05 जून से 20 जून के मध्य जल संग्रहण एवं जल संरक्षण अभियान पखवाड़े में आम जन भागीदारी तथा स्थानीय जन प्रतिनिधियों के नेतृत्व में विभिन्न लाईन डिपार्टमेंट, स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक इकाईयों के समर्थन एवं सहभागिता से जल के महत्व, जल संचय के दायित्व तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन चेतना को समर्पित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाना है। उन्होंने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के प्रथम चरण अन्तर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से क्रियान्वित एवं पूर्ण किये गये लगभग 1663 कार्यों का लोकार्पण स्थानीय जनप्रतिधियों के माध्यम से कराया जाकर जल संचय की शपथ ग्रामवासियों को दिलाई जायेगी। इसी प्रकार द्वितीय चरण अन्तर्गत प्रस्तावित 55 कार्यों का विधिवत भूमि पूजन किया जाकर शिलान्यास किया जाना है। जिसके लिए उन्होंने पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, जलग्रहण विकास, कृषि एवं उद्यानीकी, जल संसाधान, भू-जल, वन विभाग एवं पीएचईडी विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने वन विभाग, पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, जलग्रहण विकास, शिक्षा, स्वायत शासन विभाग को निर्देशित किया कि जिलें में हरियालों राजस्थान के तहत लक्षित 05 लाख पौधारोपण हेतु शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय निकाय, वन विभाग, नरेगा, वाटरशेड, शिक्षा विभागों के समन्वय से प्रत्येक पंचायत समिति में प्रमुख कार्य स्थलों पर अग्रिम मृदा कार्यों की क्रियान्विति अभियान के रूप में सुनिश्चित की जाए। पूर्व में संचालित एवं नवीन नर्सरियों में पौधारोपण हेतु तैयार की जा रही पौध की ग्रेडिंग एवं सार संभाल की गतिविधियां आयोजित जाए। पौधारोपण हेतु जिले की वन विभाग की विभिन्न नर्सरियों में पर्याप्त संख्या में पौधों को उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाए। पंचायतीराज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, स्वायत शासन विभाग, राजीविका के सहयोग से शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित परम्परागत जल स्त्रोतों यथा तालाब, बावड़ी, नाडी आदि पर राजिविका के ग्राम संगठनों की अगुवाई में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यकर्ताओं तथा पंचायतीराज संस्थानों के नेतृत्व में स्थानीय लोगों की अधिकतम भागीदारी से इन जल स्रोतों की साफ-सफाई, जल एवं पीपल पूजन के साथ समारोहपूर्वक गतिविधियां प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित की जाए। शहरी, ग्रामीण तथा वन क्षेत्रों में स्थित जलाशयों की साफ-सफाई का विशेष अभियान जल संसाधान, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, नगर परिषद, वन विभाग तथा ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाए।
उन्होंने कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत भामाशाहों से प्राप्त अनुदान से चिन्हित किये गये भू-जल पुर्नभरण के कार्यों की क्रियान्विति, उद्योग विभाग की सहभागिता से स्थानीय एवं प्रवासी भामाशाहों को आमंत्रित करा जिला स्तर पर सम्मान समारोह का आयोजन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि तथा उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत फार्मपॉण्ड, ड्रिप तथा स्प्रिंकलर सिस्टम की स्वीकृतियां हेतु आवेदन एवं अनुदान को भी अभियान के शामिल में शामिल करें। इस दौरान जिला कलक्टर यादव ने सभी विभागों को अविलंब कार्ययोजना बना कार्य प्रारंभ करने के निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागाधिकारी उपस्थित रहे।

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